
Jabalpur Highcourt : बीते दिनों दमोह में मिशनरी के बाल गृहों में धर्मांतरण के आरोपी डॉक्टर अजय लाल की जमानत अर्जी पर जबलपुर हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी कर ली है।हाईकोर्ट ने आज अजय लाल की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी कर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है, सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अजय लाल को जमानत देने का विरोध किया गया है।
अजय लाल की जमानत पर सरकार की ओर से कहा गया कि मामला बेहद संवेदनशील है और अगर इसमें आरोपी को जमानत दी जाती है तो वो साक्ष्यों और गवाहों को प्रभावित कर सकता है। इधर अजय लाल की ओऱ से खुद के निर्दोष होने की दलील दी गई। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट के जस्टिस संजय दिवेदी की बैंच ने जमानत पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है जिसे आने वाले दिनों में सुनाया जा सकता है।
डॉ अजय लाल सहित 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
बता दें कि बीती 13 नवंबर को राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने खुद दमोह में मिशनरी द्वारा संचालित बाल गृहों का दौरा किया था जिसके बाद उन्होने आधारशिला संस्थान के संचालक और मिड इंडिया क्रिश्चियन सर्विसेस के सदस्य डॉक्टर अजय लाल सहित 10 लोगों के खिलाफ धर्मांतरण की एफआईआर दर्ज करवाई थी। इस मामले में डॉक्टर अजय लाल सहित सभी आरोपी फरार हैं। इस बीच अजय लाल ने अपनी अग्रिम जमानत की याचिका हाईकोर्ट में दायर की थी जिस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है ।
जबलपुर से संदीप कुमार की रिपोर्ट
