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Jabalpur News : जबलपुर निवासी एक युवक की पत्नी ने यह कहते हुए उसके खिलाफ नरसिंहपुर थाना पुलिस से शिकायत की थी। कि पति जबरन अप्राकृतिक यौन संबंध स्थापित करते हैं। महिला की शिकायत पर पुलिस ने पति के खिलाफ धारा 506, 377 के तहत मामला दर्ज किया। पति ने पुलिस की एफआईआर को हाईकोर्ट में निराकरण के लिए लगाया। हाईकोर्ट में यह कहते हुए कि पत्नी के द्रारा पति के खिलाफ धारा 377 के तहत की गई शिकायत का पटाक्षेप कर दिया कि पत्नी ने पति के खिलाफ जो अप्राकृतिक योन शौषण की शिकायत की थी, वह सजा योग्य नहीं है।
क्या है पूरा मामला
जस्टिस जीएस अहलूवालिया की कोर्ट ने कहा कि पति-पत्नी के बीच सहमति से स्थापित किए गए सबंध अपराध की श्रेणी में नहीं आते है। जबलपुर निवासी एक युवक का विवाह नरसिंहपुर में रहने वाली महिला से 2019 में हुआ था। विवाह के कुछ दिन बाद से ही पति-पत्नी के बीच विवाद होने लगा। महिला ने 2021 में पति, सास, ससुर और नन्द के खिलाफ दहेज मांगने की शिकायत नरसिंहपुर कोतवाली थाने में की। युवक के द्वारा जबलपुर फैमली कोर्ट में तलाक के लिए अर्जी लगाई गई, केस अभी चल रहा है। इस बीच महिला ने मनीष के खिलाफ 377, 506 आईपीसी के तहत नरसिंहपुर कोतवाली में फिर से शिकायत की। नरसिंहपुर पुलिस ने जीरो पर मामला दर्ज कर केस को जबलपुर भेज दिया।
पुलिस के द्वारा मनीष साहू पर लगाई गई धारा 377 को हाईकोर्ट में चैलेंच किया गया। जस्टिस जीएस अहलूवालिया की कोर्ट ने यह कहते हुए केस को खारिज कर दिया कि पति-पत्नी के खिलाफ जो भी संबध स्थापित होते है वो मर्जी से होते है। ऐसे में पति के खिलाफ पत्नी का शिकायत करना सही नहीं है।
जबलपुर से संदीप कुमार की रिपोर्ट
