
Jabalpur News : जबलपुर शहर में निजी अस्पतालों की मनमानी इस कदर बढ़ गई है। कि वह खुले आम स्वास्थ्य विभाग की जानकारी के बिना ही धड़ल्ले से बिना पंजीयन के अस्पताल चला रहे हैं। इतना ही नहीं मरीज को भर्ती करके अस्पताल में इलाज भी किया जा रहा है। जो कि सीधे-सीधे उनकी जान से खिलवाड़ भी है। जबलपुर के करमेता के पास स्थित संस्कारधानी अस्पताल में भी एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। जिसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर स्वास्थ्य, पुलिस और राजस्व विभाग ने कार्रवाई करते हुए संस्कारधानी अस्पताल को अवैध घोषित किया है।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक संस्कारधानी अस्पताल का पंजीयन समाप्त हो चुका था इसके बावजूद भी खुलेआम वहां न सिर्फ मरीजों का इलाज कर रहे थे, बल्कि अस्पताल में मरीजों को भर्ती भी किया गया था। कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना के पास पहुंची शिकायत के बाद जब स्वास्थ्य विभाग पुलिस और राजस्व का अमला अस्पताल पहुंचा तो देखा कि 40 से अधिक मरीज अवैध रूप से अस्पताल में भर्ती है।
जांच के दौरान यह भी पता चला कि 31 मार्च 2023 को ही अस्पताल का पंजीयन समाप्त हो चुका था। इसके बाद भी अस्पताल संचालक ने पंजीयन को नहीं रिन्यू करवाया और ना ही स्वास्थ्य विभाग में इसकी जानकारी दी। संस्कारधानी अस्पताल के प्रबंधक अंकुर कुमार का कहना है कि मरीज को डिस्चार्ज किया जा रहा है। जबलपुर कलेक्टर के निर्देश पर सीएमएचओ डॉक्टर संजय मिश्रा के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई जो कि अस्पताल पहुंचकर उसे अवैध घोषित किया।
जबलपुर से संदीप कुमार की रिपोर्ट
