
Electricity
Jabalpur News : मध्य प्रदेश शासन की पॉवर जनरेटिंग कंपनी पर एक भीषण गर्मी में करीब 400 करोड़ रुपये की बिजली दूसरे राज्यों को बेचने का गंभीर आरोप लगा है, मप्र पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने रिटायर अतरिक्त मुख्य अभियंता एड्वोकर राजेन्द्र अग्रवाल ने ये आरोप लगाये हैं, उन्होंने कहा है कि जो बिजली बेचीं गई वो सस्ती कीमत पर दी गई जबकि मप्र के उपभोक्ताओं को महंगी कीमत पर बिजली दी जा रही है।
बिजली मामलों के जानकार एडवोकेट अग्रवाल ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि राज्य आभार प्रेषण केंद्र जबलपुर द्वारा जारी अप्रैल और मई महीने के आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि कंपनी ने पिछले दो महीने में 84 करोड़ 20 लाख यूनिट बिजली कीमत करीब 400 करोड़ अन्य राज्यों को पॉवर एक्सचेंज और द्वि पक्षीय समझौते के तहत बेची गई।
कई लाख यूनिट बिजली बैकिंग के नाम पर देने के भी आरोप
एडवोकेट अग्रवाल ने कहा कि उपरोक्त बिजली के अलावा पिछले दो महीनों में 71 करोड़ 50 लाख यूनिट बिजली अतिरिक्त रूप से अन्य राज्यों को कथित तौर पर बैकिंग के तहत एमओडी में महंगे बिजली घरों से नगद में खरीदकर उधार में दी है , हालाँकि इसके लिए दावा किया गया है कि रबी सीजन में ये वापस ले ली जाएगी, गौरतलब है कि बैकिंग का मतलब सरप्लस की स्थिति में बिजली दूसरों को दी जा सकती है और आवश्यकता पड़ने पर वापस ले ली जाये इस पूरी प्रक्रिया में 1.25 रुपये प्रति यूनिट खर्च आता है।

एमपी के उम्भोक्ताओं पर पड़ रहा है भार
उन्होंने कहा कि बिजली कंपनी दूसरे राज्यों को सस्ती कीमत पर बिजली बेच रही है और एमपी के उपभोक्ताओं को उसका भार उठाना पड़ रहा है और महंगी कीमत चुकानी पड़ रही है, एडवोकेट अग्रवाल ने कहा कि सरकार को इस पर तत्काल संज्ञान लेना चाहिए।
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जबलपुर से संदीप कुमार की रिपोर्ट
पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

