Jabalpur : जिसका डर था वही हुआ, अपहरणकर्ता ने ली बच्चे की जान, मांगी थी 2 करोड़ की फिरौती

miscreants-beat-up-the-abduction-of-husband-wife-in-shyopur

सांकेतिक तस्वीर

जबलपुर,संदीप कुमार। जिसका डर बच्चे के माता-पिता सहित धन्वंतरि नगर क्षेत्र में रहने वाले लोगों को था आखिर वही हुआ। घर के बाहर से करीब तीन दिन पहले गायब हुए ट्रांसपोर्ट कारोबारी के बेटे की लाश पुलिस को आज जबलपुर (Jabalpur) के पनागर के पास नहर में मिली है। बच्चे की लाश देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि करीब दो दिन पहले ही उसकी हत्या कर दी गई है। इधर जबलपुर (Jabalpur) आईजी भगवत सिंह चौहान ने पुष्टि की है कि बच्चे की हत्या के आरोप में तीन आरोपियो को गिरफ्तार किया गया है।

जानकारी के मुताबिक अपहरणकर्ता बार-बार फोन लगाकर बच्चे के माता-पिता से 2 करोड़ रुपए की मांग कर रहे थे। जबकि माता-पिता ने कहा कि उनके पास दो करोड़ रुपए नहीं हैं। इसके बाद अपहरणकर्ताओं ने फिरौती की राशि कम करने की बात भी कहीं, लेकिन माता पिता के पास इतने भी रूपए नहीं थे। बताया यह भी जा रहा है कि बच्चे की बात भी उसके परिजनों से कराई गई, ताकि उन्हें यकीन हो जाए कि बच्चा उनके पास ही हैं। बार बार फिरौती के रुपए न मिलने पर आखिर अपहरणकर्ताओं ने बच्चे की हत्या कर नहर में फेंक दिया।

ये भी पढ़े- इंदौर में धारदार हथियार लहराकर नाबालिग का मनाया जन्मदिन, वीडियो वायरल

बच्चे का शव मिलने क्षेत्र में हड़कंप मच गया। इधर पुलिस की लापरवाही भी बच्चे की मौत की वजह निकल कर सामने आ रही है। जबलपुर (Jabalpur)  शहर में बढ़ते अपराध को देखते हुए अब तो लोग संस्कराधानी को अपराध की राजधानी कहने लगे है। बहरहाल पुलिस ने तीन लोगों को जरूर गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है पर यह नही पुलिस ने बताया है कि अपहरणकर्ता कौन है और आखिर कैसे उन्होंने बच्चे का अपहरण किया था। बच्चे की मौत के बाद से जहाँ बच्चे के मां-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है वही पड़ोस में रहने वाले भी दुखी है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews