लूट के इरादे से नकाबपोश बदमाशों ने किया गोदाम कर्मचारी पर फायर, आरोपी फरार

लूट के इरादे से नकाबपोश बदमाशों ने किया गोदाम कर्मचारी पर फायर, आरोपी फरार

जबलपुर, संदीप कुमार। कोतवाली के गोपाल सदन आदित्य कॉन्वेंट स्कूल के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई जब बाइक पर सवार तीन नकाबपोश बदमाशों (Masked Miscreants) ने एक युवक पर फायर (Fire) कर दिया। लूट के उद्देश्य से खड़े बदमाशों ने बाइक सवार को आता देख पहले तो दो हवाई फायर किए इसके बाद एक गोली युवक पर चला दी। गनीमत ये रही कि गोली बाइक सवार युवक के बैग में पास मौजूद किताब को छूते हुए निकल गई और वो बच गया।

जानकारी के अनुसार चंडालभाटा में अखिल खंडेलवाल की तेल-शक्कर का गोदाम है। अखिल खंडेलवाल ने गोदाम के कर्मचारी अमित राजपूत के हाथों में एक बैग देकर घर भेजा, बैग में 2 लाख 20 हजार रूपए थे। गोदाम का कर्मचारी जैसे ही आदित्य कॉन्वेट स्कूल गोपाल सदन के पास पहुंचा तभी पहले से घात लगाकर बैठे नकाबपोश बदमाशों ने उस पर गोली चला दी। बचने के लिए उसने बैग को आगे कर दिया और  गोली किताब को छूकर निकल गई और वह बाल-बाल बच गया। अमित के मुताबिक उसके बैग में मां लक्ष्मी जी की किताब थी जिसने उसके प्राण बचा लिए।

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 एक बाइक पर ए थे तीन बदमाश 

पीड़ित अमित राजपूत  ने जानकारी देते हुए बताया कि अखिल खंडेलवाल का घर गोपाल सदन के पास है और वह रोज की तरह पैसे लेकर घर जा रहा था इसके बाद वह पैसे बैंक में जमा करता। घर के पास पैशन बाइक पर बैठे तीन बदमाशों ने उसे देखते ही फायर कर दिया जिससे वह डर गया और पास में रखे बैग को ही बचाव के लिए सामने ले आया।

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पुलिस ने की नाकाबंदी

घटना की जानकारी लगते ही मौके पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी, कोतवाली टीआई सहित अन्य पुलिस कर्मी मौके पर पहुंच गए। घटना के बाद में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा को अवगत कराते हुए पूरे शहर में नाकाबंदी कर दी गई है। आरोपियों को ढूढने के लिए सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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