Indore News : नाबालिग गिरोह का पर्दाफाश, मोबाइल लूटकर हो जाते थे फरार

Indore News : नाबालिग गिरोह का पर्दाफाश, मोबाइल लूटकर हो जाते थे फरार

इंदौर, आकाश धौलपुरे। जिस उम्र में बच्चों को पढ़ाई सहित खेल और प्रतिभा के क्षेत्र में कमाल करना चाहिये उस उम्र में इंदौर में कुछ नाबालिगों द्वारा एक गिरोह तैयार किया गया और फिर गिरोह में आधा दर्जन हमउम्र नाबालिग शामिल हो गए जो योजनाबद्ध तरीके से मोबाइल लूट की वारदात को अंजाम देने लगे।  इस बीच पुलिस को जब इस गिरोह के बारे में पता चला तो पुलिस ने गिरफ्तार कर गिरोह का पर्दफ़ाश कर दिया।

दरअसल, ये पूरा मामला इंदौर के विजयनगर थाना (Vijaynagar Police Station)क्षेत्र का है जहां पुलिस ने मोबाइल लूट घटनाओं को अंजाम देने वाले एक नाबालिग गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ये गिरोह अक्सर स्कूल, कॉलेज और होस्टल के आस पास पहले तो बकायदा रैकी करता था और फिर मौका मिलते ही मोबाइल पर बात करने वालों  या उस पर गेमिंग या मैसेजिंग करने वालो से मोबाइल छीनकर भाग खड़ा होता था। पकड़े गए आरोपियों से पुलिस ने एक दर्जन मोबाइल बरामद किये है।

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बता दे कि विजयनगर पुलिस (Vijaynagar Police) ने मुखबिर की सूचना पर एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो सुनसान इलाकों में मोबाइल पर बात करने वाले या फिर होस्टल और सड़क पर मोबाइल से बात करते हुए चलने वालों की रेकी करते थे और फिर बाइक से पीछे से आकर मोबाइल छीन कर फरार हो जाते थे ऐसे गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है गिरोह के सभी सदस्य नाबालिग हैं और मोबाइल छीन कर लूट की घटनाओं को अंजाम देने के बाद उन्हें सस्ते दामों पर बेच देते थे।

विजय नगर थाना (Vijaynagar Police Station)प्रभारी तहजीब काजी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि वो सुनसान इलाको में योजना बनाकर मोबाइल लूट को अंजाम देते थे। पुलिस ने आरोपियों से 12 मोबाइल फोन बरामद किए हैं फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य और भी सदस्यों की जानकारी जुटा रही है।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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