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Cabinet Decision : सिविल सेवाओं में महिलाओं को 35% आरक्षण, प्राध्यापकों की भर्ती की आयु सीमा वृद्धि समेत पढ़ें मोहन कैबिनट के 7 बड़े फैसले

Written by:Pooja Khodani
Published:
किसानों की सुविधा के लिए कैबिनेट द्वारा प्रदेश में आज 254 नगद नए उर्वरक केंद्र खोलने की स्वीकृति दी गई है। इससे डिफाल्टर किसानों को राहत भी मिलेगी।
Cabinet Decision : सिविल सेवाओं में महिलाओं को 35% आरक्षण, प्राध्यापकों की भर्ती की आयु सीमा वृद्धि समेत पढ़ें मोहन कैबिनट के 7 बड़े फैसले

Mohan Cabinet Decision 2024 : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार को सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में 11 बजे मंत्रालय में अहम कैबिनेट बैठक सम्पन्न हुई । इस बैठक में सिविल सेवाओं में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण .254 नए उर्वरक विक्रय केंद्रो की स्थापना की स्वीकृति और नवीन मेडिकल कॉलेज में प्राध्यापकों की भर्ती की आयु सीमा बढ़ाने समेत 7 अहम फैसलों को मंजूरी दी गई।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई निवेश संवर्धन पर मंत्रि-परिषद समिति की बैठक में मेगा स्तर की औद्योगिक इकाइयों के 10 प्रकरणों को कस्टमाइज्ड पैकेज के रूप में स्वीकृति प्रदान की गई। उक्त परियोजनाओं में लगभग 2100 करोड़ रुपये के पूँजी निवेश की संभावना है। प्रस्तावित परियोजनाओं से करीब 6200 व्यक्तियों को सीधे रोजगार प्राप्त होने का अनुमान है।

यहां विस्तार से पढ़िए Mohan Cabinet Decision

सिविल सेवाओं में महिलाओं को 35% आरक्षण

मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (महिलाओं की नियुक्ति के लिए विशेष उपबंध) नियम, 1997 में मुख्यमंत्री के आदेश दिनांक 13.09.2023 एवं इसके परिपालन में विभाग द्वारा जारी अधिसूचना 3 अक्टूबर, 2023 का अनुसमर्थन किया गया। इस निर्णय से महिला आरक्षण 35 प्रतिशत होगा।

254 नए उर्वरक विक्रय केंद्रो की स्थापना की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा वर्ष 2024-25 में (खरीफ एवं रबी सीजन में) 254 नए उर्वरक विक्रय केन्द्र स्थापित करने पर मानव संसाधन पर होने वाली संभावित व्यय की वास्तविक राशि अधिकतम 1 करोड़ 72 लाख रूपये की सीमा तक की प्रतिपूर्ति राज्य शासन द्वारा किए जाने का निर्णय लिया गया।

आयु-सीमा में वृद्धि का निर्णय

मंत्रि-परिषद द्वारा नवीन शासकीय चिकित्सा महावि‌द्यालयों में चिकित्सा शिक्षकों की कमी को दृष्टिगत रखते हुए सहायक प्राध्यापक के रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष से बढ़ाकर 50 वर्ष करने की स्वीकृति प्रदान की गई है।

परियोजना की सैद्धांतिक स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार, सहकारिता मंत्रालय द्वारा लागू की गई केन्द्र प्रवर्तित परियोजना “Strengthening of Cooperatives through IT Interventions” अन्तर्गत प्रदेश के पंजीयक सहकारी संस्थाएँ कार्यालय के कम्प्यूटराईजेशन के लिए परियोजना की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गयी। इस पर 3 करोड़ 68 लाख रूपये व्यय आयेगा, जिसकी 60 प्रतिशत राशि केन्द्र एवं 40 प्रतिशत राशि राज्य शासन द्वारा वहन की जायेगी।

सह चिकित्सीय पाठ्क्रमों की मान्यता

म.प्र. सह चिकित्सीय परिषद अधिनियम, 2000 को निरस्त करने की कार्यवाही को लंबित रखते हुए शैक्षणिक सत्र 2023-24 एवं आगामी सत्रों की मान्यता प्रक्रिया, साथ ही सह-चिकित्सीय पाठ्यक्रम उत्तीर्ण कर्मियों के पंजीयन एवं सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों की परीक्षाओं का आयोजन पूर्व में प्रचलित म.प्र. सह चिकित्सीय परिषद अधिनियम, 2000 अंतर्गत् प्रचलित नियमों के अनुसार, पूर्व में विघटित मध्यप्रदेश सह चिकित्सीय परिषद को पुनर्जीवित करते हुए, पूर्ण किये जाने तथा राष्ट्रीय आयोग द्वारा अधिनियम अंतर्गत प्रावधानित विनियम (रेगुलेशन) जारी होने के उपरांत विनियम के अनुरुप मध्यप्रदेश अलाइड एण्ड हेल्थ केयर कौंसिल ‌द्वारा स्वशासी बोर्ड्स के गठन होने पर पुनर्जीवित मध्यप्रदेश सह चिकित्सीय परिषद स्वतः समाप्त हो जायेगी एवं मंत्रि-परिषद् के पूर्व में लिये गये निर्णय अनुसार मध्यप्रदेश सह चिकित्सीय परिषद अधिनियम 2000 को निरस्त करने की कार्यवाही की जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा दी गई।

नवीन अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल इकाई की स्थापना के लिए फिजिबिलिटी स्टडी

  • मंत्रि-परिषद द्वारा म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के सतपुड़ा ताप वि‌द्युत गृह, सारनी के विद्युत गृह क्रमांक 2 (410) मेगावाट) एवं विद्युत गृह क्रमांक 3 (420 मेगावाट) में स्थापित इकाइयों को रिटायर (डी-कमीशन) किये जाने का निर्णय लिया गया।
  • उल्लेखनीय है कि म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी के विद्युत गृह क्रमांक 2 में स्थित इकाई क्रमांक 6 एवं 7 (200 + 210 मेगावॉट) एवं विद्युत गृह क्रमांक 3 में स्थित इकाई क्रमांक 8 एवं 9 (2X210 मेगावॉट) द्वारा रूपांकित आयु पूर्ण कर ली गई हैं।
  • ये इकाइयों लगभग 39 से 44 वर्षों से संचालन में हैं। इन इकाइयों की स्थिति एवं प्रदर्शन के दृष्टिगत म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा इन इकाइयों को रिटायर (डी-कमीशन) किये जाने की चाही गई अनुमति मंत्रि-परिषद ने प्रदान की है।
  • निर्णय अनुसार सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी के विद्युत गृह क्रमांक 2 एवं 3 में स्थित इकाई क्रमांक 6 से 9 (कुल क्षमता 830 मेगावॉट) को 30 सितम्बर, 2024 से रिटायर (डी-कमीशन) किये जाने की अनुमति प्रदान की गई।
  • रिटायर (डी-कमीशन) इकाइयों का डिस्पोजल ई-ऑक्शन के माध्यम से किया जायेगा। इन इकाईयों के स्थान पर 660 मेगावॉट क्षमता की नवीन अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल इकाई (इकाई क्रमांक 13) की स्थापना के लिए म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा फिजिबिलिटी स्टडी करायी जायेगी।

10 औद्योगिक इकाइयों के प्रकरणों को मंजूरी, 6200 को रोजगार

  • निवेश संवर्धन पर मंत्रि-परिषद समिति की बैठक में मेगा स्तर की औद्योगिक इकाइयों के 10 प्रकरणों को कस्टमाइज्ड पैकेज के रूप में स्वीकृति प्रदान की गई। उक्त परियोजनाओं में लगभग 2100 करोड़ रुपये के पूँजी निवेश की संभावना है। प्रस्तावित परियोजनाओं से करीब 6200 व्यक्तियों को सीधे रोजगार प्राप्त होने का अनुमान है।
  • बैठक में टेक्सटाइल की 3 इकाइयों, लक्ष्मीनाथ कल्पना जिला खरगोन, विश्वेश्वरा डेनिम जिला नीमच, मोहिनी एक्टिव लाइफ जिला इंदौर, खाद्य प्र-संस्करण की 5 इकाइयों, डाबर जिला धार, हिन्दुस्तान कोकाकोला जिला राजगढ़, मॉड्लेज़ जिला भिण्ड, ड्राईटेक जिला पांढुरना एवं बेकर्सविले जिला इंदौर, इंजीनियरिंग क्षेत्र की इकाई शक्ति पम्प जिला धार तथा एफएमसीजी की इकाई शिवानी डिटर्जेंट जिला धार से संबंधित प्रकरणों पर विचार किया गया।
  • उपरोक्त परियोजनाओं में लगभग 2100 करोड़ रुपये का पूँजी निवेश आयेगा। प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न मदों जैसे कम दरों पर बिजली, पूँजीगत अनुदान, रोजगार सृजन अनुदान एवं प्रशिक्षण के लिये प्रोत्साहन अनुदान प्रदान किया जा रहा है। प्रस्तावित परियोजनाओं से लगभग 6200 व्यक्तियों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त होने का अनुमान है।
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