लोकायुक्त एक्शन : 10,000 रुपये की रिश्वत लेते क्लर्क रंगे हाथ गिरफ्तार

लोकायुक्त एक्शन : 10,000 रुपये की रिश्वत लेते क्लर्क रंगे हाथ गिरफ्तार

मुरैना, संजय दीक्षित। लोकायुक्त पुलिस ने एक बार फिर रिश्वत (Bribe)  लेते हुए एक सरकारी कर्मचारी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। ये कार्रवाई ग्वालियर लोकायुक्त (Gwalior lokayukta action) पुलिस ने मुरैना स्थित कार्यालय जिला संयोजक, अनुसूचित जाति जनजाति कल्याण विभाग में की। यहाँ पदस्थ क्लर्क जगदीश चंद्र वर्मा को लोकायुक्त पुलिस ने 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया।

जानकारी के अनुसार कार्यालय जिला संयोजक, अनुसूचित जाति जनजाति कल्याण विभाग में पदस्थ क्लर्क जगदीश चंद्र वर्मा बस्ती विकास पंप का काम देखते हैं। इनके कार्यालय में सबलगढ़ निवसी सुरेश जाटव ने खेत में बिजली कनेक्शन और ट्रांसफार्मर रखवाने के लिए आवेदन दिया।

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क्लर्क जगदीश चंद्र वर्मा ने सुरेश जाटव से इस काम के लिए 15,000/- रुपये की रिश्वत मांगी। रिश्वत मांगे जाने की शिकायत सुरेश जाटव ने लोकायुक्त पुलिस ग्वालियर (gwalior lokayukta police) कार्यालय में की। शिकायत के बाद लोकायुक्त ने फरियादी को एक टेप देकर क्लर्क की बातें रिकॉर्ड करने के लिए कहा, जैसे ही रिश्वत की राशि की पहली किश्त, समय और स्थान तय हुआ, लोकायुक्त एक्शन में आ गई।

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आज गुरुवार को जब सुरेश जाटव रिश्वत की राशि 10 हजार रुपये लेकर पहुंचा तो पहले से तैयार लोकायुक्त ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। लोकायुक्त ग्वालियर की टीम को लीड कर रहे डीएसपी प्रद्युम्न पाराशर ने बताया कि फरियादी की शिकायत पर तस्दीक के बाद आज कार्यालय जिला संयोजक, अनुसूचित जाति जनजाति कल्याण विभाग मुरैना में पदस्थ क्लर्क जगदीश चंद्र वर्मा को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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