SDM का बड़ा एक्शन, 1286 फर्जी BPL कार्ड निरस्त, तहसीलदार का फर्जीवाड़ा उजागर, अपात्र ले रहे थे शासन की योजनाओं का लाभ

fake BPL card

Morena News : गरीबों के लिए चलाई जा रही शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक क्यों नहीं पहुंचता इसका एक बड़ा उदाहरण मुरैना जिले की जौरा तहसील से सामने आया है, यहाँ पदस्थ एक तहसीलदार ने रिश्वत लेकर फर्जीवाड़ा करते हुए अपात्र लोगों के नाम बीपीएल सूची में जोड़ दिए और उन्हें लाभ मिलने लगा, शिकायत के बाद कलेक्टर ने जाँच के आदेश दिए जिसके बाद जौरा एसडीएम ने फर्जी बीपीएल कार्डों को निरस्त कर दिया है, कल एक ही दिन में एसडीएम प्रदीप तोमर ने 916 कार्ड निरस्त किये वे अब तक 1286 बीपीएल राशन कार्ड निरस्त कर चुके हैं।

आलीशान घर, दरवाजे पर कार, ट्रैक्टर फिर भी गरीब 

मुरैना जिले की जौरा तहसील में रिश्वत लेकर बीपीएल कार्ड बनाने का मामले का खुलासा हुआ है, मामले की जाँच में जो कुछ उजागर हुआ वो चौकाने वाला है, जिन लोगों के बीपीएल कार्ड निरस्त किये गए उनमें से कुछ के आलीशान घर हैं, उनके पास कार हैं, घर में ट्रैक्टर हैं, कई बीघा सिंचित भूमि है, मालूम चला कि तत्कालीन तहसीलदार नरेश शर्मा ने 3 – 4 हजार रुपये लेकर बीपीएल सूची में नाम जोड़ दिए और ये अपात्र लोग सरकारी योजनाओं का लाभ लेते रहे।

तहसीलदार ने ऐसे किया फर्जीवाड़ा 

ये फर्जीवाड़ा तत्कालीन तहसीलदार जौरा नरेश शर्मा के कार्यकाल 1 सितम्बर 2022 से 27 मार्च 2023 के बीच का है उन्होंने पैसे लेकर बीपीएल सूची में अपात्र लोगों का नाम जोड़ा, इसका कोई रिकॉर्ड तहसील में नहीं रखा, पटवारियों से आवेदन लेकर सीधे जनपद सीईओ को भेज दिया, आवेदन की प्राथमिक शीट में तारीख तक नहीं है, कई दस्तावेजों में आवेदक के हस्ताक्षर नहीं है, कई पर उस पटवारी हस्ताक्षर हैं जो हलके में पदस्थ ही नहीं है, किसी में नाम अधूरा है किसी में पता अधूरा है।

जांच के बाद एसडीएम ने अब तक 1286 फर्जी बीपीएल कार्ड निरस्त किये 

आपको बता दें कि बीपीएल फर्जीवाड़े की शिकायत पूर्व विधायक महेशदत्त शर्मा ने चम्बल आयुक्त से की थी, शिकायत के बाद कलेक्टर अंकित अस्थाना ने ने 17 मई 2023 को इसकी जाँच के आदेश एसडीएम जौरा प्रदीप तोमर को दिए, एमपी ब्रकिंग न्यूज़ से बात करते हुए एसडीएम प्रदीप सिंह तोमर ने बताया कि उन्होंने जाँच के दौरान पाया कि इसका कोई भी रिकॉर्ड तहसील में नहीं है तहसीलदार ने सीधे जनपद सीईओ को भेज दिया जो अनुचित है, बीपीएल सूची में ऐसे लोगों के नाम है जो पात्र ही नहीं है, उन्होंने बताया कि वे अब तक 1286 फर्जी बीपीएल कार्ड निरस्त कर चुके हैं।

शासन पता लगा रहा, किन किन योजनाओं का लाभ अपात्रों ने लिया 

बहरहाल ये अभी अपात्र लोग पिछले करीब एक साल से फर्जी बीपीएल कार्ड के सहारे शासन की किन किन  योजनाओं का लाभ ले रहे हैं शासन इसका पता लगा रहा है, उधर इस खुलासे के बाद ये तय माना जा रहा है कि तत्कालीन तहसीलदार नरेश शर्मा के खिलाफ कार्रवाई होना तय है , वर्तमान में नरेश शर्मा भिंड जिले में पदस्थ है , ये जिला भी चम्बल संभाग में ही आता है इसलिए कार्रवाई चम्बल आयुक्त ही कर सकते हैं।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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