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Tue, Dec 16, 2025

सीएम डॉ मोहन ने की ‘शालिनी ऐप’ लॉन्च, जनजातीय समाज की योजनाओं, समृद्ध संस्कृति और इतिहास की मिलेगी जानकारी

Written by:Banshika Sharma
Published:
मध्य प्रदेश में जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जबलपुर में 'शालिनी ऐप' लॉन्च किया। इस मौके पर उन्होंने आदिवासी समाज के कल्याण के लिए 662 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की घोषणा की।
सीएम डॉ मोहन ने की ‘शालिनी ऐप’ लॉन्च, जनजातीय समाज की योजनाओं, समृद्ध संस्कृति और इतिहास की मिलेगी जानकारी

जबलपुर: मध्य प्रदेश सरकार ने भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर जबलपुर में राज्य स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आदिवासी समुदाय के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं, जिसमें 662 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और ‘शालिनी ऐप’ का लॉन्च शामिल है। इस दौरान राज्यपाल मंगूभाई पटेल भी मौजूद रहे।

सीएम मोहन यादव ने कहा कि यह ऐप आदिवासी समाज को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ उनकी समृद्ध संस्कृति और इतिहास से भी जोड़ेगा। सरकार का लक्ष्य इस ऐप के माध्यम से आदिवासी समुदाय को सशक्त बनाना है।

छात्रावासों के बदले गए नाम, होगी नई भर्ती

मंच से घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय कार्य विभाग के तहत संचालित सभी बालिका छात्रावासों और आश्रमों को अब वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम से जाना जाएगा। इसी तरह, सभी बालक छात्रावासों का नाम महाराजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह के नाम पर रखा गया है। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि राज्य में छात्रावासों की व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए साल 2026 में 5,000 छात्रावास अधीक्षकों की भर्ती की जाएगी।

आदिवासी नायकों को किया याद

अपने संबोधन में सीएम मोहन यादव ने महाकौशल क्षेत्र के आदिवासी नायकों के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि जबलपुर गोंडवाना के शहीद शंकर शाह और रघुनाथ शाह की भूमि है, जिन्होंने 1857 में देशभक्ति की मिसाल कायम की थी।

“छिंदवाड़ा के आदिवासी नायक बादल भोई और हजारों आदिवासी योद्धाओं ने 1923 में स्वतंत्रता संग्राम में अपने प्राणों की आहुति दी थी। उनका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।” — मोहन यादव, मुख्यमंत्री

इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने अलीराजपुर में आयोजित एक अन्य कार्यक्रम में क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आजाद को भी श्रद्धांजलि दी।

क्या है ‘शालिनी ऐप’?

यह एक मोबाइल एप्लीकेशन है जिसे विशेष रूप से आदिवासी समुदाय के लिए डिजाइन किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य आदिवासियों तक सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आसानी से पहुंचाना है। यह ऐप उनकी संस्कृति, इतिहास और परंपराओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रिजर्व और प्रमोट करने का भी काम करेगा। घोषित की गई 662 करोड़ रुपये की परियोजनाओं में शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं, जिनका सीधा लाभ आदिवासी क्षेत्रों को मिलेगा।