“इससे लगभग 50 लाख परिवार लाभान्वित होंगे..” भू-अधिकार पट्टों की सरकार द्वारा रजिस्ट्री की बात के बोले सीएम डॉ मोहन यादव

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ग्रामीण किसानों के लिए एक बड़ी सौगात की घोषणा की है, जिसके तहत सरकार भू-अधिकार पट्टों की रजिस्ट्री का पूरा खर्च उठाएगी। इसके साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के ओबीसी आरक्षण संबंधी फैसले पर कांग्रेस को घेरते हुए उस पर समाज को बांटने और गुमराह करने का आरोप लगाया।
“इससे लगभग 50 लाख परिवार लाभान्वित होंगे..” भू-अधिकार पट्टों की सरकार द्वारा रजिस्ट्री की बात के बोले सीएम डॉ मोहन यादव

भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य के ग्रामीण और किसान वर्ग के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। सरकार अब ग्रामीण क्षेत्रों में भू-अधिकार के पट्टों की रजिस्ट्री का खर्च खुद वहन करेगी। इस पूरी प्रक्रिया के लिए लगभग साढ़े तीन हजार करोड़ रुपए की राशि आवंटित की गई है, जिससे लाखों किसानों को सीधा फायदा पहुंचने की उम्मीद है।

इस निर्णय के तहत, जिन किसानों के पास भू-अधिकार के पट्टे हैं, उनकी सरकारी पंजीयन विभाग में रजिस्ट्री कराई जाएगी। इसका सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि रजिस्ट्री का दस्तावेज बन जाने के बाद किसान उस जमीन पर आसानी से लोन ले सकेंगे या उसका किसी अन्य व्यावसायिक कार्य में उपयोग कर पाएंगे। सरकार के इस कदम को गरीबों और किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा फैसला माना जा रहा है।

किसानों को मिलेगा मालिकाना हक

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह विकास की दृष्टि से एक बड़ा काम है। उन्होंने कहा, “जैसे ही रजिस्ट्री का दस्तावेज बन जाएगा, लोन लेना हो या कोई भी उपयोग करना हो, यह अधिकार उनको मिल जाएगा। यह सरकार की तरफ से गरीबों और किसान वर्ग के लिए एक बड़ा निर्णय है।” इस योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की भी संभावना है।

ओबीसी आरक्षण पर कांग्रेस को घेरा

किसानों के लिए इस घोषणा के साथ ही मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सुप्रीम कोर्ट के ओबीसी आरक्षण से जुड़े फैसले पर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस पर समाज में विभाजन पैदा करने का आरोप लगाया।

“कांग्रेस ने ओबीसी जनगणना का विरोध किया था। कांग्रेस जनता को गुमराह करने का काम करती है, ऊंचे और नीचे वर्ग को लड़ाने का काम करती है।”- मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश

सीएम यादव ने कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी संघर्ष को बढ़ावा देती है। उन्होंने फूल सिंह बरैया की भाषा का जिक्र करते हुए कहा कि उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती।

राम मंदिर के मुद्दे पर भी साधा निशाना

मुख्यमंत्री यहीं नहीं रुके, उन्होंने राम मंदिर के मामले में भी कांग्रेस की भूमिका की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर हमेशा आड़े आती रही। मोहन यादव ने कहा, “वे न समाज के हुए, न राम के हुए, सिर्फ अपने स्वार्थ के हुए।”

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