Hindi News

MP Panchayat Election : अभी नहीं हुआ फैसला, चुनाव आयोग पर टिकी निगाहें

Written by:Atul Saxena
Last Updated:

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश पंचायत चुनाव (MP Panchayat Election) होंगे या नहीं होंगे अभी ये स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। शिवराज सरकार द्वारा अध्यादेश वापस ले लिए जाने के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि सोमवार को मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग इस विषय में अंतिम फैसला ले लेगा लेकिन सोमवार देर शाम तक कोई फैसला नहीं हो सका। चुनाव आयोग विधिक अभिमत (legal opinion) की प्रतीक्षा कर रहा है।

पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण (OBC Reservation) मुद्दा गहराने के बाद राजनीतिक आरोप प्रत्यारोपों के बीच शिवराज सरकार ने रविवार को मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज(संशोधन) अध्यादेश 2021 वापस ले लिया। रविवार देर रात राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भी इस पर मुहर लगा दी।

ये भी पढ़ें – PM Kisan : चार दिन बाद किसानों के खाते में आएंगे इतने रुपये, जारी होगी 10वीं किश्त

अध्यादेश वापस हो  जाने के बाद उम्मी ढकी जा रही थी कि सोमवार को चुनाव आयोग पंचायत चुनाव को स्थगित करने या निरस्त करने के सम्बन्ध में अधिकृत घोषणा कर देगा लेकिन सोमवार देर शाम तक ऐसा संभव नहीं हो पाया है।  चुनाव आयोग ने सोमवार को दिन भर बैठक की। मप्र राज्य निर्वाचन आयोग (MP State Election Commission) अध्यादेश वापस हो जाने के बाद वैधानिक स्थितियों का परीक्षण कर रहा है।

ये भी पढ़ें – लॉ कालेज के HOD पर गंभीर आरोप, छात्रा को भेजे अश्लील मैसेज 

राज्य निर्वाचन आयुक्त बसंत प्रताप सिंह ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और आयोग के अधिकारियों के साथ बैठक कर फैसला किया कि इस मामले में विधिक अभिमत लिया जायेगा उसके बाद ही फैसला लिया जायेगा। आयोग के सचिव बीएस जामोद का कहना है कि विधिक अभिमत आने के बाद ही पंचायत चुनाव कराने या नहीं कराने के बारे में कोई फैसला लिया जाएगा।  उम्मीद की जा रही है कि कल मंगलवार को आयोग को विधिक अभिमत मिल जायेगा और आयोग अंतिम फैसला सुना देगा।

ये भी पढ़ें – मध्य प्रदेश पंचायत चुनावों पर सरपंच संघ ने जताई नाराजगी 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
Follow Us :GoogleNews