मध्य प्रदेश के किसानों अपडेट, 15 मार्च से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी, ऐसी रहेगी व्यवस्था, जानें डिटेल्स

जिन किसानों ने गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन नहीं करवाया है वे 31 मार्च 2025 तक करवा सकते है।सभी खरीदी केंद्रों पर पर्याप्त व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
Mp procurement 2026

MP Wheat procurement 2025 : मध्य प्रदेश के किसानों के लिए जरूरी खबर है। मप्र शासन ने समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन की नई नीति जारी कर दी है, इसके तहत समर्थन मूल्य पर 15 मार्च से 5 मई तक गेहूं खरीदी की जाएगी।किसानों को गेहूं बेचने के लिए ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग करनी होगी। यह सुविधा www.meuparjan.nic.in पर उपलब्ध होगी।

15 मार्च से मध्य प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभागों से गेहूं की खरीदी शुरू होगी, जबकि बाकि के सभी संभागों से 17 मार्चसे गेहूं की खरीदी की जाएगी। इस बार गेहूँ की खरीदी 2600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से की जायेगी। इसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रूपये है और 175 रूपये प्रति क्विंटल राज्य सरकार द्वारा बोनस दिया जाएगा।

इंदौर संभाग में ऐसी रहेगी व्यवस्था

  • इंदौर संभाग में कुल 307 खरीदी केंद्र स्थापित किए गए है। संभागायुक्त दीपक सिंह ने सभी जिला कलेक्टरों को पंजीकृत किसानों का सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं।
  • खरीदी केंद्रों पर किसानों की सुविधा के लिए छाया, टेंट, बैठने की व्यवस्था, पानी, पंखे, तौल मशीन और कंप्यूटर जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा, गेहूं की साफ-सफाई के लिए क्लीनिंग मशीन भी लगाई जाएगी।
  • खरीदी व्यवस्था की निगरानी के लिए जिला, उपखंड और मंडी स्तर पर समितियां गठित की गई हैं।संभागायुक्त ने 15 मार्च 2025 तक सभी गांवों में ई-गिरदावरी और किसानों के सत्यापन का काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। जिला उपार्जन समिति नियमित बैठकें करके व्यवस्थाओं की समीक्षा करेगी।
  • किसानों का भौतिक सत्यापन जिला स्तर से करने के साथ-साथ सभी एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं कि नोडल अधिकारी जो केंद्र पर बनाए गए हैं, उनसे केन्द्रों पर आवश्यक सुविधाओं का उपलब्ध सामग्री व्यवस्थाओं का भौतिक सत्यापन तीन दिवस में पूर्ण करा कर पालन प्रतिवेदन जिला समिति को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

रजिस्ट्रेशन की लास्ट डेट 31 मार्च

  • जिन किसानों ने गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन नहीं करवाया है तो वे फटाफट करवा लें। पंजीयन की लास्ट डेट 31 मार्च 2025 है।सभी खरीदी केंद्रों पर पर्याप्त व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
  • इस साल प्रदेश में लगभग 80 लाख मे. टन गेहूं उपार्जन अनुमानित है।मालवा निमाड़ में इंदौर, उज्जैन संभाग के कई किसान गेहूं का उत्पादन करते हैं, लेकिन देशभर में सबसे ज्यादा सीहोर का शरबती गेहूं मशहूर है।
Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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