मध्यप्रदेश में 8 जून से शुरू होंगे शिक्षकों के तबादले, नई नीति जारी, यहाँ जानें नए नियम

मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के तबादले के लिए नई पॉलिसी जारी कर दी है। अब ट्रांसफर संबंधित आदेश ऑनलाइन एजुकेशन 3.0 ऑनलाइन जारी होंगे। आइए जानें क्या-क्या बदलेगा? 
Transfer

मध्यप्रदेश में शिक्षकों और शैक्षणिक कर्मचारियों का तबादला (MP Teachers Transfer Policy) 8 जून से शुरू होने वाला है। स्कूल शिक्षा विभाग ने शनिवार नई नीति जारी जारी कर दी है। जिसके तहत नियमों में कई बदलाव किए हैं। स्थानांतरण की व्यवस्था पर ऑनलाइन मोड में होगी। आदेश भी एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर ऑनलाइन जारी किए जाएंगे। ऑफलाइन आदेश मान्य नहीं होगा।

यह कदम शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। इस नीति को सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा हर साल जारी होने वाली ट्रांसफर पॉलिसी से अलग भी रखा गया है। इस पॉलिसी के तहत शिक्षकों का तबादला प्रत्येक वर्ष गर्मी की छुट्टियों के पहले निश्चित समय पर किया जाएगा। ताकि सेशन शुरू होने के बाद पढ़ाई को सुचारू रूप से संचालित किया जा सके।

शिक्षक सहित सभी संवर्गों के लिए तबादला की प्रक्रिया हर साल 15 मई तक की समय अवधि के भीतर पूरी की जाएगी। 31 अक्टूबर तक लोक शिक्षण आयुक्त द्वारा वर्तमान सत्र के नामांकन के आधार पर पोर्टल पर स्वीकृत पदों की संख्या यह सेटअप का निर्धारण और अतिशेष शिक्षकों की पहचान की जाएगी। जिला संवर्ग के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के शासकीय सेवकों (जैसे प्राथमिक शिक्षक, सहायक शिक्षक, लिपिकीय संवर्ग लिपि आदि) के लिए जिला स्तर पर शिथिलता अवधि 7 जून से लेकर 16 जून तक निर्धारित की गई है।

इन शिक्षकों के तबादला नहीं होगा

10 से कम नामांकन वाली शालाओं में किसी भी शिक्षक का तबादला नहीं किया जाएगा। वहीं 1 वर्ष के भीतर रिटायर होने वाले शिक्षकों के म्युचुअल स्थानांतरण पर भी रोक होगी। नई पॉलिसी के तहत स्वैच्छिक तबादले से पहले प्रशासनिक ट्रांसफर किया जाएगा। आगामी वर्षों के लिए अलग से कोई भी नई नीति जारी नहीं की जाएगी।

स्वैच्छिक तबादले से पहले अब होगा प्रशासनिक तबादला 

संभाग में पदोन्नति वाले पदों पर भी ट्रांसफर होंगे। लेकिन संभागीय शिक्षक संवर्ग  के पदोन्नति पर दूसरे संभाग वर्ग के टीचर्स का तबादला नहीं किया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग में स्पष्ट किया है कि सरप्लस शिक्षकों का ट्रांसफर शैक्षणिक क्षेत्र के बीच में भी किया जा सकता है। हालांकि इसके लिए काउंसलिंग प्रक्रिया की जाएगी। यदि कोई शिक्षक इसका काउंसलिंग में शामिल नहीं होता है, तो उनका तबादला प्रशासनिक आधार पर किया जाएगा।

नई पॉलिसी के तहत जिस संस्था में शिक्षक जरूरत से अधिक होंगे, वहाँ सामान्य तौर पर सबसे लंबे समय से काम कर रहे टीचर को अतिशेष माना जाएगा। यदि पिछले 2 वर्षों में स्थानंतरित शिक्षकों के मामले में 2 साल के भीतर पदस्थ हुए शिक्षक को सरप्लस कैटेगरी में रखा जाएगा।

सत्र 2026-27 के लिए शेड्यूल जारी 

  • प्रशासनिक स्थानांतरण (अंतर्जिला, जिला कैडर, संभाग एवं राज्य कैडर के लिए) प्रशासकीय प्रस्ताव पंजीयन- 8 जून से लेकर 17 जून
  • स्वैच्छिक तबादले के लिए रिक्त पदों पोर्टल पर रिक्त पदों का प्रदर्शन के लिए पोर्टल अपडेट- 18 जून
  • स्वैच्छिक ट्रांसफर के लिए आवेदन प्रक्रिया- 19 से लेकर 23 जून तक
  • ट्रांसफर के लिए डाटा प्रोसेसिंग और प्रशासकीय अनुमोदन की प्रक्रिया- 24 से लेकर 26 जून तक
  • तबादला आदेश जारी करने की तारीख- 28 से 31 जून तक
  • लोक सेवकों द्वारा स्थानांतरण आदेश के लिए ऑनलाइन अभ्यावेदन प्रस्तुत करने का मौका- 1 से लेकर 7 जुलाई
  • अभ्यावेदन का निराकरण- 15 जुलाई
Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews