
MP Weather Alert Today : मानसून की देरी और कोई मजबूत मौसम प्रणाली के सक्रिय ना होने के चलते मौसम का मिजाज एकदम से बदल गया है। आज सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में लू चलने का अनुमान है तो कुछ जिलों में गर्म रात रहने की चेतावनी जारी की गई है।हालांकि प्री-मानसून की एक्टिविटी के चलते 2 दर्जन से ज्यादा जिलों में बारिश, आंधी और बिजली का अलर्ट जारी किया गया है।कहीं कहीं ओलावृष्टि भी हो सकती है।संभावना है कि 19-20 जून तक बालाघाट, डिंडोरी के रास्ते मानसून दस्तक दे सकता है।
आज इन जिलों में लू-बारिश का अलर्ट
- सोमवार को छिंदवाड़ा, सिवनी, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन जिलों में आंधी तेज बारिश का ऑरेंज अलर्ट।
- भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदा पुरम, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, बालाघाट, दमोह, सागर, पांढुर्णा, अनूपपुर, शहडोल और डिंडोरी जिलों में कहीं कहीं हल्की बारिश होने का येलो अलर्ट ।
- जबलपुर सहित संभाग के मंडला, डिंडौरी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर सहित अन्य जिलों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने के साथ ही बौछारें ।
- गुना, मऊगंज, सतना, निवाड़ी, मैहर, शिवपुरी, ग्वालियर, सीधी, रीवा, उमरिया, छतरपुर और टीकमगढ़ जिलों में लू चलने की चेतावनी ।
- शिवपुरी, ग्वालियर, सीधी, रीवा, उमरिया, छतरपुर और टीकमगढ़ जिलों में गर्म रात ।
क्या कहता है मध्य प्रदेश मौसम विभाग
- साउथ-वेस्ट राजस्थान के हिस्से में चक्रवाती घेरा और उत्तर प्रदेश से मेघालय तक एक ट्रफ लाइन एक्टिव है। साथ ही दक्षिण-पश्चिम में हवा का घेरा होने से नमी आ रही है,जिसके चलते आज बारिश, बिजली और आंधी की स्थिति बनी हुई है।
- मानसून महाराष्ट्र के जलगांव तक आ चुका है और गुजरात एवं राजस्थान पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बनने का सिलसिला बना हुआ है, इससे मालवा-निमाड़ में बारिश की स्थिति बनी हुई है।संभावना है कि 19-20 जून तक बालाघाट, डिंडोरी के रास्ते मानसून दस्तक दे सकता है।
- ग्वालियर में 19 से 21 जून को पश्चिमी विक्षोभ के असर से बादलों की आवाजाही के साथ कहीं कहीं बारिश की संभावना है। इसके बाद 21 जून से मानसूनी बारिश होने के आसार है। इस दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कमी दर्ज की जा सकती है।
कृषकों के लिए मौसम विभाग की सलाह
- मध्य प्रदेश में दक्षिण पश्चिम मानसून के आगमन की सम्भावित तिथि – 22 जून 2024 के आसपास (दक्षिणी क्षेत्रों में) मानी जा रही है।मानसून वर्षा के आगमन की घोषणा के पश्चात, बुवाई हेतु जून के अंतिम सप्ताह से जुलाई के दूसरे सप्ताह का समय उपयुक्त है।
- आने वाले दिनों में जिन स्थानों पर लगभग 100mm/4 इंच वर्षा हो जाए, वहां बुवाई करना उचित होगा। साथ ही पर्याप्त वर्षा होने की स्थिति में या सिंचाई की सुविधानुसार 23 जून के बाद धान की नर्सरी के लिए खेत तैयार करें।
- कपास / सोयाबीन की बुवाई मानसून आने के पश्चात् भूमि में पर्याप्त नमी (कम से कम 100 मिमि बारिश) होने की स्थिति में ही करें ।अरहर की बुवाई के लिए खेत की तैयारी करें । जिन किसान भाईयों के पास सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो वे हरी खाद हेतु मक्का या ढैंचा की बोनी करें।

लेखक के बारे में
Pooja Khodani
12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.
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