एमपी वेदर अपडेट, मानसून की विदाई से पहले आज 37 जिलों में बारिश के आसार, पढ़े मौसम विभाग का नया पूर्वानुमान

आने वाले दिनों में तेज बारिश के आसार कम ही हैं,आज सोमवार को भोपाल, इंदौर समेत 37 जिलों में बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट नहीं है, अन्य शहरों में मौसम साफ रहेगा, धूप निकलेगी।
MP Weather

MP Weather Update : मध्य प्रदेश के मौसम में आज सोमवार से परिवर्तन देखने को मिलेगा. बारिश की गतिविधि में कमी आ सकती है। हालांकि चक्रवात और दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से इंदौर और नर्मदा पुरम संभाग में कुछ स्थानों में अच्छी बारिश होने के आसार हैं, वही अन्य स्थानों पर हल्की बौछारें होने की संभावना है। आज 37 जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है, लेकिन भारी बारिश के आसार कम है।

वर्तमान में उत्तर-पश्चिमी एमपी पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। अरब सागर से लेकर बिहार तक एक द्रोणिका बनी हुई है, जो उत्तर-पश्चिमी एमपी से होकर गुजर रही है। पाकिस्तान के पास एक पश्चिमी विक्षोभ द्रोणिका के रूप में बना हुआ है।सितंबर अंत से प्रदेश में अब बारिश की गतिविधियों में कमी आना शुरू होगी। हालांकि हवाओं के साथ अरब सागर से कुछ नमी आ रही है, जिसके चलते आंशिक बादल छाने के साथ कहीं-कहीं हल्की बारिश भी हो सकती है।अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में तापमान में गिरावट आने से गुलाबी ठंड का अहसास होने लगेगा।

आज इन जिलों में बारिश के आसार

आज सोमवार को बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार जिले में भारी बारिश हो सकती है। भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदा पुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, रतलाम, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर मालवा, मंदसौर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, शिवपुरी, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा जिलों में हल्की बारिश के आसार है।

अबतक कहां कितनी हुई वर्षा

  • 1 जून से शुरू हुए मानसूनी सीजन से लेकर 27 सितंबर तक प्रदेश में औसत से 18% अधिक बारिश हो चुकी है।केवल रीवा जिले को छोड़कर सभी जिलों में बारिश सामान्य हुई। इस सीजन में रीवा में कुल 738.9 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य बारिश (984.6 मिमी.) की तुलना में 25 प्रतिशत कम है।
  • पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 13% अधिक, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश औसत से 19% ज्यादा पानी बरस चुका है।राज्य में आमतौर पर 1 जून से 30 सितंबर तक 949.5 मिमी औसत वार्षिक वर्षा दर्ज की जाती है, लेकिन इस साल इस अवधि के दौरान 1092 मिमी बारिश हुई।

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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