नगर निगम कर्मी ने ऑफिस में लगाई फांसी, परिजनों ने किया हंगामा, लगाए हत्या के आरोप

नगर निगम कर्मी ने ऑफिस में लगाई फांसी, परिजनों ने किया हंगामा, लगाए हत्या के आरोप

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। ग्वालियर नगर निगम (Gwalior Municipal Corporation) के एक कर्मचारी ने शनिवार देर रात ऑफिस में फांसी लगाकर आत्महत्या (Suicide) कर ली। आत्महत्या की सूचना के बाद पड़ाव थाना पुलिस मौके पर पहुँच गई और परिजन भी मौके पर पहुँच गए। परिजनों ने यहाँ बहुत हंगामा किया उन्होंने हत्या के आरोप लगाए हैं।

ग्वालियर नगर निगम के जनमित्र केंद्र क्रमांक 6 पड़ाव पर पदस्थ सफाईकर्मी आकाश करोसिया ने शनिवार की देर रात ऑफिस में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।  घटना की सूचना ऑफिस के ही कर्मचारी ने पड़ाव थाना पुलिस को दी।  कर्मचारी द्वारा आत्महत्या करने की सूचना पर पुलिस तत्काल जनमित्र  केंद्र पहुंची और उसने फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम को बुला लिया।

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आत्महत्या की सूचना पर मृतक के परिजन भी तत्काल मौके पर पहुँच गए। गुस्साए परिजन ऑफिस के बाहर जमकर हंगामा करने लगे उन्होंने वहां मौजूद नगर निगम स्टाफ और अन्य लोगों के साथ झूमाझटकी भी की, परिजनों का आरोप था कि आकाश आत्महत्या नहीं कर सकता उसे किसी ने मारकर लटकाया है, यानि किसी ने उसकी हत्या की है।  मौके पर मौजूद पुलिस ने बीचबचाव कर मामला शांत कराया।

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फोरेंसिक एक्सपर्ट अखिलेश भार्गव के नेतृत्व में पहुंचीं टीम ने घटना स्थल का बारीकी से मुआयना किया।  क्षेत्रीय अधिकारी सहित ऑफिस के कर्मचारियों से पूछताछ की और फिर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।  मौके पर मौजूद पड़ाव थाने के सब इंस्पेक्टर ने कहा कि पुलिस ये जाँच कर रही है कि जनमित्र केंद्र इतनी रात तक क्यों खुला था और वहां कौन कौन कर्मचारी मौजूद थे।  मृतक के साथ क्या हुआ ये इन्वेस्टिगेशन के बाद ही पता चल पायेगा।

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Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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