SDM ने खुद अनाथ बच्चों के घर पहुंचकर दी मदद, भरोसा दिलाया सरकार आपके साथ है

SDM ने खुद अनाथ बच्चों के घर पहुंचकर दी मदद, भरोसा दिलाया सरकार आपके साथ है

राजगढ़, डेस्क रिपोर्ट। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) के निर्देश पर ऐसे अनाथ बच्चों को आर्थिक सहायता मुहैया कराई जा रही है  जिनके माता पिता का कोरोना काल में निधन हो गया।  ऐसे बच्चों को सरकार 5000 रुपये आर्थिक सहायता दे रही है। प्रशासन के अधिकारी खुद बच्चोंके घर जाकर उन्हें भरोसा दिला रहे हैं कि सरकार और प्रशासन उनके साथ है।

राजगढ़ में 1 साल पहले पिता और अब कोरोना से 1 महीने पहले मां की मृत्यु के बाद तीन बहन और एक भाई ,चारों  बच्चों पर जैसे मुसीबत का पहाड़ टूट पड़ा हो । इन चारों भाई बहनों को इस हादसे ने जैसे झकझोर कर रख दिया था। गुरुवार को ख़िलचीपुर एडीएम नेहा साहू और तहसीलदार अशोक सेन ने इन बच्चों के गांव पहुंचे और इन्हें हर माह दी जाने वाली पांच हजार की आर्थिक सहायता का स्वीकृत पत्र घर पर जाकर दिया।

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राजगढ़ जिले के ख़िलचीपुर ग्राम तहसील के गांव बाबड़ी खेडा निवासी बालिका कविता, निर्मला, सुहाना और रामेश्वर शर्मा के पिता भोलाराम शर्मा का 1 साल पहले निधन हो गया था, वहीं माता इंद्रा बाई की 29 अप्रैल 2021 को कोरोना से मृत्यु हो गई। मुसीबत की इस घड़ी में गुरुवार को ख़िलचीपुर SDM नेहा साहू और तहसीलदार अशोक सेन अनाथ बच्चों के घर बाबड़ी खेडा पहुंचे।

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एसडीएम नेहा साहू ने आर्थिक सहायता राशि पांच हजार की स्वीकृत आदेश की प्रति कविता, निर्मला और सुहाना को दी। उन्होंने बच्चियों से कहा कि भले ही आपके माता पिता आपके साथ नही है, लेकिन प्रशासन और सरकार आपके साथ हैं  हम आपकी मदद करेंगे । यही समझिये कि अब सरकार ही आपके माता पिता है।  गौरतलब है कि राजगढ़ जिले में ऐसे 11 बच्चे है जो कोरोना बीमारी से अपने माता पिता को खोने के बाद अनाथ हो चुके है।  सर्कार की तरफ से इन सभी को आर्थिक सहायता मुहैया कराई जा रही है।

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Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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