
शिवपुरी, मोनू प्रधान। शिवपुरी में मानव तस्करी का मामला सामने आया है लेकिन समय रहते सूझ-बूझ से यह मजदूर बच गए, शिवपुरी जिले के ग्राम डबिया से 7 आदिवासी परिवारों की मानव तस्करी का प्रयास किया गया। दो दिन पूर्व कुछ अंजान लोग गांव पहुंचे और गन्ना फेक्ट्री में काम के लिए आदिवासी मजदूरों से बात की। बच्चो की मजदुरी 6 सौ ओर बड़ों की 3 सौ देने को कहा गया। अनपढ़ ओर भोले आदिवासी इनके झांसे में आ गए और गुना जाने को तैयार हो गए। एक ट्रक में तिरपाल से ढंककर इन्हें ले जाया जा रहा था। जब 7-8 घण्टे हो गए तो मजदूरों ने ट्रक को रोकने को कहा ड्राइवर ने महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले के दौलताबाद में ट्रक रोका, तो सब मजदूर नीचे उतर गए ओर इनमें से कोई पानी पीने लगा तो कोई फ्रेश होने गया। तभी इन मजदूरों में कुछ ने ड्राइवर की फोन पर हो रही बात को सुन लिया जो इन मजदूरों को माल कहकर बात कर रहा था।
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शक होने पर मजदूर ट्रक से उतर कर थाने पहुंचे लेकिन मदद नही मिली। फिर इसके बाद ए एनजीओ के संयोजक को पूरा घटनाक्रम बताया। इसके बाद संयोजक ने गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा और एसपी को सूचना दी। इसके बाद सभी ने प्रयास किया और इन मजदूरों को सकुशल वापस बुलाया। फिलहाल मुक्त हुए मजदूरों के चेहरे पर खुशी साफ देखी जा सकती है। अब सोचने वाली बात है कि एक साल से 12 साल के बच्चो को किस काम से ले जाया जाया जा रहा था और गुना का कह के महाराष्ट्र में कहाँ ले जाया जा रहा था। कुल 25 बच्चे, 7 महिला और 7 पुरुष थे जिन्हें मजदूरी के लालच में क्या करने ले जाया गया था। फिलहाल पुलिस पता लगाने में जुटी है की आखिर कौन इन मजदूरों को कहाँ लेकर जा रहा था।
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