
PSC recruitment: मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (PSC) की तयारी कर रहे छात्रों ने इंदौर में एक बड़ा प्रदर्शन करते हुए मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के दफ्तर का घेराव किया। लगभग 500 से अधिक छात्र PSC के दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे थे। जानकारी के अनुसार प्रदर्शन सोमवार को दोपहर 2 बजे शुरू हुआ और देर रात तक जारी रहा। प्रदर्शन करते हुए स्टूडेंट्स अपनी मांगों को लेकर अधिकारिकों से मिलने की गुहार लगाई।
स्टूडेंट्स की मांगें:
स्टूडेंट्स का कहना है कि उन्हें अपनी मेंस परीक्षा की तैयारी के लिए ज्यादा समय दिया जाए, जैसा कि पिछले वर्षों में किया गया था। उनका आरोप है कि PSC ने मनमानी और तानाशाही की गई है। पुलिस के मौजूदगी में प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता जताई।
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पुलिस अधिकारियों ने स्टूडेंट्स को प्रदर्शन को समाप्त करने के लिए समझाया, लेकिन स्टूडेंट्स ने पुलिस की कोई बात नहीं सुनी। हालांकि स्टूडेंट्स के प्रतिनिधि मंडल ने PSC के सेक्रेटरी से मिलकर बातचीत की, लेकिन वे संतुष्ट नहीं हुए और अपने आंदोलन को जारी रखने का निर्णय लिया।
परिणाम के बाद सिर्फ 45 दिनों का समय:
स्टूडेंट्स ने अपनी मांग के रूप में यह जताया है कि PSC ने 2023 की प्री परीक्षा के परिणाम के बाद सिर्फ 45 दिनों का समय क्यों दिया है, जबकि पिछले वर्षों में छह से आठ महीने का समय दिया गया था। उनकी मांग है कि कम से कम तीन महीने का समय तैयारियों के लिए दिया जाए।
‘बेरोजगारों के साथ हो रहा मजाक’:
स्टूडेंट्स ने यह भी आलेख किया है कि मध्यप्रदेश में लगभग 45 लाख लोग बेरोजगार हैं, और चुनावों के पहले सरकार ने बड़े वादें किए थे। उन्होंने यह भी कहा है कि इस बार सरकार ने केवल 60 पदों की भर्ती की है, जो कि बेरोजगारों के साथ मजाक है। उनकी मांग है कि 2024 में 500 पद किए जाएं।
इंदौर से शकील अंसारी की रिपोर्ट
4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

