Underground Corridor: महाकाल में शुरू हुआ अंडरग्राउंड कॉरिडोर निर्माण, बदली दर्शन व्यवस्था

Mahakal bhasma aarti

Underground Corridor In Mahakal: महाकालेश्वर मंदिर परिसर में बीते कई दिनों से विस्तारीकरण का कार्य चल रहा है और इसी कड़ी में अब अंडर ग्राउंड कॉरिडोर बनाने का काम शुरू हो चुका है। निर्माण कार्य के लिए खुदाई की जाने वाली है, जिसके चलते दर्शन व्यवस्था में बदलाव किया गया है और इस कॉरिडोर को 1 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

महाकाल लोक का निर्माण होने के बाद उज्जैन आने वाले दर्शनार्थियों की संख्या में काफी इजाफा हो गया है। पहले जहां हजारों लोग बाबा के दर्शन करने आते थे वह संख्या आप लाखों में बदल गई है। आने वाले भक्तों को सुगमता से दर्शन हो सके इसी के लिए विस्तारीकरण का काम लगातार जारी है।

Underground Corridor In Mahakal निर्माण शुरू

मंदिर में आने वाले भक्तों की सुविधा के लिए अंडरग्राउंड कॉरिडोर का निर्माण कार्य शुरू किया जा चुका है यह सीधा कार्तिकेय मंडप तक जाएगा। इसके बन जाने के बाद श्रद्धालु सहजता से बाबा महाकाल के दर्शन करने के लिए मंदिर के अंदर प्रवेश कर सकेंगे। 45 मीटर अंडरग्राउंड 40 मीटर लंबे और 20 फीट चौड़े इस कॉरिडोर को ढाई करोड़ की लागत से यूडीए की ओर से बनाया जा रहा है।

बदली महाकाल की दर्शन व्यवस्था

सामान्य दर्शनार्थियों की व्यवस्था

मंदिर में बनाए जाने वाले नवनिर्मित कॉरिडोर के कार्य को देखते हुए अब दर्शन व्यवस्था में भी बदलाव कर दिया गया है। सामान्य दर्शनार्थियों को महाकाल लोक के मानसरोवर से एंट्री देकर फैसिलिटी वन के टनल से निकाल कर नवनिर्मित वेटिंग हॉल से जल स्तंभ के करीब से निकलते हुए निर्गम रैंप से प्रवेश दिया जाएगा। गणेश मंडपम के बैरिकेड्स से दर्शन करने के बाद श्रद्धालु कार्तिकेय मंडपम के चढ़ाव चढ़ते हुए निर्गम गेट से बाहर हो जाएंगे।

शीघ्र दर्शन की व्यवस्था

शीघ्र दर्शन की टिकट लेकर दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को बड़ा गणेश मंदिर से ऊपर जाकर चार नंबर गेट से प्रवेश मिलेगा। इसके बाद यह विश्रामधाम से सभा मंडपम से होकर गणेश मंडपम से दर्शन कर निर्गम गेट से बाहर हो जाएंगे।

प्रशासनिक भवन के सामने से टिकट लेकर गेट नंबर 1 से प्रवेश करने वाले दर्शनार्थी फैसिलिटी से प्रवेश करते हुए जल स्तंभ के पास से 4 नंबर गेट के मार्बल गलियारों से होकर सभा मंडप के एक नंबर बैरिकेड से दर्शन कर निर्गम द्वार से बाहर चले जाएंगे।

जो श्रद्धालु 750 रुपए की अभिषेक की रसीद लेकर मंदिर में दर्शन करने के लिए आए हैं वह 13 नम्बर गेट से कुंड के रास्ते होते हुए सभा मंडपम होते हुए लाइन में लगेंगे और चांदी द्वार से गर्भगृह में प्रवेश करेंगे। अभिषेक करने के बाद ये जल द्वार से बाहर आकर कुंड के रास्ते 13 नंबर गेट से बाहर आ जाएंगे।

Diksha Bhanupriy
लेखक के बारे में
Diksha Bhanupriy

10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
Follow Us :GoogleNews