मध्य प्रदेश में इन दिनों सबसे ज्यादा पूछा जा रहा सवाल यही है कि आखिर होली कब है? कोई कह रहा है 3 मार्च, तो कोई 4 मार्च बता रहा है। चंद्रग्रहण की चर्चा ने लोगों की उलझन और बढ़ा दी है। बाजारों में रंग-गुलाल की खरीदारी शुरू हो चुकी है, लेकिन तारीख को लेकर असमंजस बना हुआ है।
त्योहारों का सही दिन जानना जरूरी होता है, क्योंकि होलिका दहन और होली दोनों की अपनी धार्मिक मान्यता है। अगर तारीख में भ्रम हो जाए तो पूजा और पर्व का आनंद अधूरा रह जाता है। ऐसे में हमने पंडितों और पंचांग के आधार पर पूरी जानकारी जुटाई है, ताकि मध्य प्रदेश में होली 2026 को लेकर कोई कंफ्यूजन न रहे।
मध्य प्रदेश में होलिका दहन 2 मार्च 2026 को
जानकारों और ज्योतिषाचार्यों के अनुसार मध्य प्रदेश में होलिका दहन 2 मार्च 2026, सोमवार को मनाया जाएगा। यह वही दिन है जब फाल्गुन पूर्णिमा की रात को परंपरा के अनुसार होलिका दहन किया जाता है।
होलिका दहन का शुभ मुहूर्त रात 12 बजकर 50 मिनट से 2 बजकर 2 मिनट तक रहेगा। इस समय के दौरान लोग विधि-विधान से होलिका दहन कर सकते हैं। गांवों और शहरों में चौराहों पर लकड़ियां सजाई जाती हैं और रात में पूजा के बाद अग्नि प्रज्वलित की जाती है।
इस बार 3 मार्च को लग रहे चंद्रग्रहण की वजह से लोगों में भ्रम फैला कि शायद उसी दिन होली या होलिका दहन होगा। लेकिन पंचांग के अनुसार होलिका दहन 2 मार्च को ही मान्य है।
मध्य प्रदेश में होली 4 मार्च 2026 को मनाई जाएगी
रंगों का त्योहार यानी धुलेंडी 4 मार्च 2026, बुधवार को मनाया जाएगा। यही दिन असली होली का पर्व होगा। सुबह से लोग एक-दूसरे को रंग लगाएंगे, गुलाल उड़ाएंगे और खुशियां बांटेंगे।
3 मार्च को चंद्रग्रहण लगने के कारण कुछ लोगों को लगा कि होली उसी दिन होगी, लेकिन यह पूरी तरह गलत जानकारी है। ग्रहण के कारण तिथियों को लेकर भ्रम जरूर हुआ है, पर मध्य प्रदेश में होली 2026 की सही तारीख 4 मार्च ही है। इस दिन स्कूल, कॉलेज और दफ्तरों में भी अवकाश रहने की संभावना रहती है। बाजारों में रंग, पिचकारी और मिठाइयों की खरीदारी चरम पर होगी।
चंद्रग्रहण से क्यों फैला कंफ्यूजन
3 मार्च को चंद्रग्रहण लग रहा है। ग्रहण के कारण सूतक काल और तिथि गणना को लेकर कई लोग उलझन में पड़ गए। कुछ जगह सोशल मीडिया पर भी गलत तारीखें वायरल होने लगीं। धार्मिक मान्यता के अनुसार ग्रहण का प्रभाव पूजा-पाठ और शुभ कार्यों पर पड़ता है। इसलिए लोग जानना चाहते थे कि होलिका दहन ग्रहण वाले दिन होगा या नहीं।
ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि ग्रहण 3 मार्च को है, जबकि होलिका दहन की तिथि 2 मार्च को पड़ रही है। इसलिए दोनों का आपस में सीधा टकराव नहीं है। इस वजह से मध्य प्रदेश में होली 2026 की तारीख 4 मार्च ही तय है।
ग्रहण के दौरान रखें ये सावधानियां
ग्रहण के समय खास सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। खासकर गर्भवती महिलाओं को अतिरिक्त ध्यान रखने को कहा जाता है। सूतक काल से पहले पके हुए भोजन में तुलसी के पत्ते डालने की परंपरा है। ऐसा माना जाता है कि इससे भोजन पर ग्रहण का असर नहीं पड़ता। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करना और साफ कपड़े पहनना शुभ माना जाता है। ग्रहण के दौरान “ऊं नम: शिवाय” का जाप करना भी लाभकारी माना गया है। हालांकि ये धार्मिक मान्यताएं हैं और लोग अपनी आस्था के अनुसार पालन करते हैं।






