
हर साल 5 जून को मनाया जाने वाला विश्व पर्यावरण दिवस पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का सबसे बड़ा वैश्विक अभियान माना जाता है। बढ़ते प्रदूषण, जल संकट और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों के बीच यह दिन प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देता है। इसी अवसर पर मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने अभियान की शुरुआत करते हुए सीता अशोक और स्वर्ण चंपा के पौधे रोपे और प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक पौधारोपण करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति का दायित्व है। यदि आज पौधे लगाए जाएंगे और उनकी देखभाल की जाएगी, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा।
‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान से बढ़ेगी जनभागीदारी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मां जीवन का आधार होती है और एक पेड़ भी जीवन देने का काम करता है। इसी भावना के साथ शुरू किया गया यह अभियान लोगों को प्रकृति से जोड़ने का प्रयास है। कार्यक्रम में उन्होंने प्रदेशवासियों से अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लेने की अपील की।
यह अभियान 5 जून से 30 सितंबर तक पूरे मध्य प्रदेश में चलाया जाएगा। इसमें नागरिकों, स्कूलों, कॉलेजों, उद्योगों, पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। सरकार द्वारा लगाए गए पौधों का जियो-टैगिंग और पंजीयन ‘मेरी लाइफ’ पोर्टल पर किया जाएगा, जिससे उनकी निगरानी और संरक्षण किया जा सके।
कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और हरित विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले संस्थानों और व्यक्तियों को राज्य स्तरीय पर्यावरण पुरस्कार भी प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण बचाने की लड़ाई केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि जनभागीदारी से चलने वाला सतत प्रयास है।

जल संरक्षण और हरित भविष्य पर विशेष जोर
राज्य स्तरीय समारोह में जल संरक्षण को भी प्रमुखता दी गई। मुख्यमंत्री ने जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत 16 जिलों की 500 बावड़ियों के प्रलेखन दस्तावेजों का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण समय की जरूरत है और इनके संरक्षण से जल संकट से निपटने में मदद मिलेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से “हरित भविष्य का संकल्प” लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पौधारोपण केवल संख्या बढ़ाने का काम नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर जीवन और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने का माध्यम है। यदि प्रत्येक नागरिक एक पौधा लगाकर उसकी जिम्मेदारी ले, तो मध्य प्रदेश हरियाली के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में रैलियां, पौधारोपण कार्यक्रम, पर्यावरण शपथ, स्वच्छता अभियान, चित्रकला और निबंध प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जा रहा है। स्कूलों, कॉलेजों, एनएसएस, एनसीसी और विभिन्न सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी इस अभियान को जन आंदोलन का रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा शुरू किया गया ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान पर्यावरण संरक्षण, जल बचाव और जनभागीदारी को एक मंच पर लाने की बड़ी पहल माना जा रहा है। यह अभियान न केवल हरियाली बढ़ाने का प्रयास है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ भविष्य तैयार करने का संकल्प भी है।
आज ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ के अवसर पर भोपाल से प्रदेशव्यापी ‘एक पेड़ माँ के नाम 2.0 अभियान’ का शुभारंभ करूंगा। pic.twitter.com/7sXx32xv2c
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) June 5, 2026

