बीड में अजित पवार और संदीप क्षीरसागर की नजदीकियों पर सियासी चर्चाएं तेज, जानें क्या हुआ?

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने हाल ही में बीड जिले के पालकमंत्री का पदभार संभाला है। यह जिम्मेदारी उन्हें तब मिली जब सरपंच संतोष देशमुख हत्या प्रकरण में माजी मंत्री धनंजय मुंडे के करीबी वाल्मीक कराड का नाम सामने आया और मामला न केवल राज्य में बल्कि दिल्ली तक गूंजा।
बीड में अजित पवार और संदीप क्षीरसागर की नजदीकियों पर सियासी चर्चाएं तेज, जानें क्या हुआ?

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने हाल ही में बीड जिले के पालकमंत्री का पदभार संभाला है। यह जिम्मेदारी उन्हें तब मिली जब सरपंच संतोष देशमुख हत्या प्रकरण में माजी मंत्री धनंजय मुंडे के करीबी वाल्मीक कराड का नाम सामने आया और मामला न केवल राज्य में बल्कि दिल्ली तक गूंजा। इस विवाद के चलते धनंजय मुंडे को मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद बीड जिले की बागडोर अजित पवार के हाथों में आ गई, जिन्हें पार्टी के मजबूत नेता और प्रशासक माना जाता है।

अजित पवार-संदीप क्षीरसागर की नजदीकियां

इस पूरे मामले में बीड के विधायक संदीप क्षीरसागर ने अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने संतोष देशमुख मामले में खुलकर धनंजय मुंडे का विरोध किया। कभी एक साथ राजनीति करने वाले क्षीरसागर और मुंडे, पार्टी में दरार पड़ने के बाद विरोधी खेमों में आ गए। लेकिन अजित पवार के बीड के पालकमंत्री बनने के बाद से क्षीरसागर का रुख बदलता दिखाई दे रहा है। उनके हालिया जिलास्तरीय दौरों में संदीप क्षीरसागर कई बार अजित पवार के साथ मंच साझा करते देखे गए हैं।

कुछ दिन पहले ही क्षीरसागर ने बीड शहर में अजित पवार के प्रति आभार जताते हुए बैनर लगवाए, जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी। बीड के सांसद बजरंग सोनवणे जहां प्रोटोकॉल का पालन कम करते हैं, वहीं क्षीरसागर, जो विपक्ष के विधायक हैं, वे भी अजित पवार से मिलने और कार्यक्रमों में शामिल होने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। 6 और 7 अगस्त को अजित पवार के बीड दौरे के दौरान भी क्षीरसागर दोनों दिन मौजूद रहे।

स्वतंत्रता दिवस पर बीड जिलाधिकारी कार्यालय में ध्वजारोहण कार्यक्रम के बाद जब अजित पवार स्वतंत्रता सेनानियों से मिल रहे थे, तभी संदीप क्षीरसागर ने उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। इसके अलावा एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में दोनों एक ही मंच पर मौजूद थे—अजित पवार एक ओर और क्षीरसागर दूसरी ओर बैठे थे। इन दृश्यों के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि क्या सचमुच दोनों नेताओं के बीच नजदीकियां बढ़ रही हैं और क्या यह बीड की सियासत में नए समीकरण का संकेत है।

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