
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अगले महीने होने वाले एशिया कप के लिए टीम इंडिया की घोषणा कर दी है और सूर्यकुमार यादव को कप्तान बनाया है। लेकिन इस फैसले के साथ ही राजनीति भी गर्मा गई है। उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (यूबीटी) ने बीसीसीआई पर सीधा हमला बोला है। पार्टी नेता और पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने बीजेपी पर फेक नेशनलिज्म (नकली राष्ट्रवाद) का आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ भाजपा पाकिस्तान के खिलाफ लोगों को भड़काती है और दूसरी तरफ बीसीसीआई पाकिस्तान के साथ खेलने और कमाई करने का मौका नहीं छोड़ता। आदित्य ठाकरे ने इस संबंध में केंद्रीय खेल एवं स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है।
आदित्य ठाकरे ने बीसीसीआई और बीजेपी को घेरा
आदित्य ठाकरे ने कहा कि बीसीसीआई का यह फैसला देश के लिए बलिदान देने वालों के साथ विश्वासघात है। उनका आरोप है कि क्रिकेट बोर्ड राष्ट्रीय हित से ज्यादा राजस्व को महत्व दे रहा है। उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा, “खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते, लेकिन बीसीसीआई के लिए खून और राजस्व साथ-साथ बह सकते हैं।” आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह निर्णय बेहद शर्मनाक है और इसे केंद्र सरकार को रोकना चाहिए।
शिवसेना यूबीटी नेता ने यह भी कहा कि भारत ने हमेशा पाकिस्तान को वैश्विक मंचों पर अलग-थलग करने के लिए प्रयास किए हैं और विभिन्न देशों में सांसदों के प्रतिनिधिमंडल भी भेजे हैं। ऐसे में बीसीसीआई का यह फैसला उन्हीं कोशिशों को कमजोर करता है। एशिया कप 2025 में भारत और पाकिस्तान एक ही ग्रुप में शामिल हैं और दोनों टीमों का पहला मुकाबला 14 सितंबर को दुबई में होगा। यह मैच टी-20 फॉर्मेट में खेला जाएगा और शाम 7:30 बजे से शुरू होगा।
गौरतलब है कि आदित्य ठाकरे से पहले एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भी विरोध जता चुके हैं। उन्होंने कहा था कि वह भारत-पाकिस्तान का यह मैच नहीं देख सकते क्योंकि उनका जमीर इसकी इजाजत नहीं देता। दूसरी ओर बीसीसीआई का रुख साफ है कि क्रिकेट को राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए, लेकिन विपक्षी दलों के लगातार हमले ने इस मुद्दे को और संवेदनशील बना दिया है। अब यह देखना होगा कि केंद्र सरकार और बीसीसीआई इस विवाद को लेकर आगे क्या कदम उठाते हैं।
