महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता एकनाथ शिंदे ने एक बार फिर अपनी संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय दिया है। उनकी समय पर की गई मदद से शिवसेना विधायक संतोष बांगर की मां वत्सलाबाई बांगर की जान बच गई। शनिवार रात को वत्सलाबाई को अचानक दिल का दौरा पड़ा। हिंगोली के डॉक्टरों ने बताया कि उनके हृदय में ब्लॉकेज है और उन्हें तुरंत मुंबई ले जाकर इलाज कराना जरूरी है। लेकिन उनकी हालत गंभीर होने के कारण सड़क मार्ग से ले जाना जोखिम भरा हो सकता था।
एकनाथ शिंदे की मुस्तैदी ने बचाई जान
इस स्थिति में विधायक संतोष बांगर ने तुरंत उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को फोन किया। शिंदे ने बिना देर किए नांदेड में एयर एंबुलेंस की व्यवस्था करवाई। इस विशेष एंबुलेंस से वत्सलाबाई को सीधे मुंबई लाया गया। खास बात यह रही कि मुंबई एयरपोर्ट पर खुद एकनाथ शिंदे मौजूद रहे। उन्होंने वत्सलाबाई से मुलाकात की और उनकी तबीयत की जानकारी ली। इसके बाद उन्हें लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज शुरू हुआ।
मां की जान बचने पर विधायक संतोष बांगर भावुक हो गए। उन्होंने कहा, “एकनाथ शिंदे ने जिस तरह समय पर एयर एंबुलेंस उपलब्ध कराई, उसकी वजह से मेरी मां का जीवन बच गया। अगर इलाज में देरी होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। मैं उनके इस सहयोग के लिए हमेशा आभारी रहूंगा।” बांगर के इस बयान से शिंदे के प्रति उनकी आत्मीयता और विश्वास झलकता है।
इस घटना के बाद एकनाथ शिंदे ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “मेरे लिए हर शिवसैनिक परिवार का हिस्सा है। जब उन पर संकट आता है तो उनकी मदद करना मेरा कर्तव्य है। मैंने केवल अपना कर्तव्य निभाया है।” शिंदे की इस संवेदनशीलता ने एक बार फिर उनके मानवीय दृष्टिकोण और कार्यशैली को उजागर किया है, जिसकी चर्चा राजनीतिक हलकों में जोर पकड़ रही है।





