महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव: BMC समेत 29 महानगरपालिकाओं के लिए मतदान जारी, 3.48 करोड़ मतदाता तय करेंगे भविष्य

महाराष्ट्र में गुरुवार को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) समेत 29 नगर निगमों के लिए वोट डाले जा रहे हैं। करीब छह साल बाद हो रहे इन चुनावों में भाजपा के महायुति गठबंधन और उद्धव-राज ठाकरे बंधुओं के मोर्चे के बीच कड़ा मुकाबला है। 16 जनवरी को नतीजे आएंगे।
महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव: BMC समेत 29 महानगरपालिकाओं के लिए मतदान जारी, 3.48 करोड़ मतदाता तय करेंगे भविष्य

महाराष्ट्र में गुरुवार, 15 जनवरी 2025 को 29 नगर निगमों के लिए मतदान हो रहा है। सुबह 7:30 बजे से शुरू हुई वोटिंग शाम 5:30 बजे तक चलेगी। इन चुनावों में सबकी निगाहें देश के सबसे अमीर नगर निकाय, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) पर टिकी हैं। राज्य के 3.48 करोड़ मतदाता 2,869 सीटों पर किस्मत आजमा रहे 15,931 उम्मीदवारों के भविष्य का फैसला करेंगे। मतगणना 16 जनवरी को होगी।

यह चुनाव छह साल से ज्यादा के अंतराल के बाद हो रहे हैं, क्योंकि इन नगर निगमों का कार्यकाल 2020 से 2023 के बीच ही समाप्त हो गया था। शांतिपूर्ण मतदान के लिए अकेले मुंबई में ही 25,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

मुंबई में सबसे बड़ी और दिलचस्प लड़ाई

BMC चुनाव इस बार कई मायनों में खास है। 2022 में शिवसेना में हुई बड़ी टूट के बाद यह पहला निकाय चुनाव है। एकनाथ शिंदे के अलग होने के बाद BMC पर 25 साल तक राज करने वाली अविभाजित शिवसेना का वर्चस्व खत्म हो गया था। इस बार का मुकाबला बेहद दिलचस्प है क्योंकि दो दशक बाद ठाकरे बंधु, उद्धव और राज, एक साथ ‘मराठी मानुष’ के मुद्दे पर चुनाव लड़ रहे हैं। उनका सीधा मुकाबला भाजपा, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की NCP वाले महायुति गठबंधन से है।

मुंबई के 227 वार्डों में भाजपा 137, शिंदे की शिवसेना 90 और NCP 94 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। वहीं, शिवसेना (UBT) ने 163 और मनसे ने 52 उम्मीदवार उतारे हैं। कांग्रेस ने यहां प्रकाश आंबेडकर की VBA और राष्ट्रीय समाज पक्ष के साथ गठबंधन किया है और 143 सीटों पर प्रत्याशी खड़े किए हैं।

बयानों की सियासत

चुनाव प्रचार के दौरान सभी दलों ने मतदाताओं को लुभाने के लिए बड़े वादे किए। महायुति ने महिलाओं को BEST बसों के किराए में 50% छूट देने का वादा किया है, तो वहीं उद्धव-राज के मोर्चे ने घरेलू कामकाजी महिलाओं को 1,500 रुपये मासिक भत्ता और 700 वर्ग फुट तक के घरों पर संपत्ति कर माफ करने का आश्वासन दिया है।

प्रचार में मुंबई के मेयर पद को लेकर भी खूब बयानबाजी हुई। भाजपा ने शिवसेना (UBT) की जीत पर मुस्लिम मेयर बनने की आशंका जताई, जिसके जवाब में उद्धव ठाकरे ने मराठी मेयर बनाने का वादा किया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी भरोसा दिलाया कि मुंबई का मेयर “हिंदू और मराठी” ही होगा।

“उद्धव ठाकरे के साथ गठबंधन करने का सबसे बड़ा राजनीतिक नुकसान राज ठाकरे को होगा।” — देवेंद्र फडणवीस, मुख्यमंत्री

मतदान के दिन की बड़ी घटनाएं

वोटिंग शुरू होते ही नागपुर में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने सुबह-सुबह अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और CCTV से निगरानी रखी जा रही है।

दूसरी ओर, शिवसेना (UBT) ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के जरिए महायुति गठबंधन पर हमला बोला है। संपादकीय में आरोप लगाया गया है कि वोटों को प्रभावित करने के लिए मनी पावर का इस्तेमाल किया जा रहा है। सामना में लिखा गया कि PM मोदी, अमित शाह और योगी आदित्यनाथ ने चुनाव में दखल नहीं दिया क्योंकि उन्हें पता है कि वे यह लड़ाई हार जाएंगे। इसे ‘मराठी मानुष’ के अस्तित्व की लड़ाई बताया गया है।

Banshika Sharma
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कंटेंट राइटर

मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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