महाराष्ट्र में फिर सियासी घमासान, संजय राउत का बागी सांसदों पर तीखा हमला, बोले- कुछ लोग वफादार नहीं होते

महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना के दोनों गुटों के बीच टकराव गहराया। संजय राउत ने बागी सांसदों पर साधा निशाना, वहीं शिंदे गुट में संभावित टूट की चर्चाएं तेज।
Sanjay Raut

महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट और उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट के बीच जारी खींचतान इन दिनों एक नए मोड़ पर आ गई है। यह टकराव एक बार फिर सुर्खियों में है और राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर गहमागहमी का माहौल है। शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर अपने विरोधियों पर तीखा हमला बोला है।

संजय राउत ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक संदेश पोस्ट किया, जिस पर साफ तौर पर लिखा था, “कुछ लोग वफादार नहीं होते।” इस छोटे से लेकिन मारक संदेश के साथ उन्होंने “जय महाराष्ट्र!” का उद्घोष भी किया। हालांकि, राउत ने अपनी इस पोस्ट में किसी नेता या गुट का सीधा नाम नहीं लिया, लेकिन महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में इस संदेश को सीधे तौर पर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट पर निशाना माना जा रहा है।

राउत ने इस पोस्ट के जरिए बागी सांसदों और विधायकों पर कटाक्ष किया है, जो उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर शिंदे गुट में शामिल हो गए थे। राउत की यह पोस्ट ऐसे समय में सामने आई है, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी उद्धव ठाकरे गुट पर तीखा हमला बोला था। यह हमला शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान किया गया, जहां शिंदे ने अपने चार साल पहले किए गए विद्रोह का पुरजोर बचाव किया। शिंदे ने जोर देकर कहा कि जनता ने उनके इस बड़े फैसले को पूरी तरह से सही ठहराया है और उन्हें अपना समर्थन दिया है।

शिवसेना-UBT नेताओं के बयानों पर एकनाथ शिंदे का पलटवार

उप मुख्यमंत्री शिंदे ने इस अवसर पर उद्धव ठाकरे गुट के नेताओं के बयानों पर भी जोरदार कटाक्ष किया। उन्होंने एक बेहद आक्रामक बयान देते हुए कहा, “कुत्ते झुंड में आकर भौंकते हैं, लेकिन शेर अकेला आता है।” शिंदे का यह बयान सीधे तौर पर उन यूबीटी नेताओं पर निशाना था, जो अक्सर उनके नेतृत्व और उनके गुट के अस्तित्व पर सवाल उठाते रहते हैं। इस बयान से महाराष्ट्र की राजनीति में गरमाहट और बढ़ गई है। एक तरफ जहां दोनों गुटों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है, वहीं दूसरी ओर शिवसेना के भीतर एक और संभावित टूट की चर्चाएं भी तेजी से फैल रही हैं। इन चर्चाओं ने राजनीतिक हलकों में नई हलचल पैदा कर दी है।

शिवसेना एमएलसी चंद्रकांत रघुवंशी के दावे से हुई थी हलचल तेज

हाल ही में शिवसेना एमएलसी चंद्रकांत रघुवंशी ने एक बड़ा दावा किया था, जिससे महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया। चंद्रकांत रघुवंशी ने अपने दावे में कहा था कि उद्धव ठाकरे गुट के कम से कम 6 लोकसभा सांसद एकनाथ शिंदे के संपर्क में हैं उन्होंने यह भी दावा किया कि इन सांसदों ने एकनाथ शिंदे पर अपना भरोसा जताया है और वे जल्द ही शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं। यदि यह दावा सच साबित होता है, तो यह उद्धव ठाकरे गुट के लिए एक बड़ा झटका होगा और महाराष्ट्र की राजनीतिक समीकरणों में एक और बड़ा बदलाव ला सकता है। महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों हर दिन नई उठापटक देखने को मिल रही है। एक तरफ संजय राउत जैसे नेता सोशल मीडिया के जरिए अपने विरोधियों पर निशाना साध रहे हैं, तो दूसरी तरफ एकनाथ शिंदे जैसे नेता सार्वजनिक मंचों से उद्धव ठाकरे गुट पर तीखे हमले बोल रहे हैं। वहीं, संभावित दलबदल की चर्चाएं भी राजनीतिक माहौल को और गरमा रही हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में महाराष्ट्र की राजनीति किस करवट बैठती है और शिवसेना के दोनों गुटों के बीच यह टकराव किस दिशा में आगे बढ़ता है।

Banshika Sharma
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मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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