
मराठवाड़ा मुक्ति दिवस (17 सितंबर) से पहले महाराष्ट्र सरकार ने क्षेत्र के विकास को लेकर बड़ा कदम उठाया है. उपमुख्यमंत्री और बीड जिले के संरक्षक मंत्री अजित पवार ने घोषणा की कि देवेंद्र फडणवीस सरकार ने महत्वाकांक्षी ‘अहिल्यानगर-बीड-परली वैजनाथ’ ब्रॉड-गेज रेलवे परियोजना के लिए 150 करोड़ रुपये जारी किए हैं. इसके साथ ही परियोजना की अब तक की कुल आवंटित राशि 2,091 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है. यह कदम बीड और मराठवाड़ा क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही रेल कनेक्टिविटी की मांग को पूरा करने की दिशा में अहम माना जा रहा है.
परियोजना से जुड़ी मुख्य जानकारियों के अनुसार, प्रस्तावित रेलवे लाइन 261 किलोमीटर लंबी होगी और इसकी अनुमानित लागत 4,805 करोड़ रुपये है. इस खर्च का 50 प्रतिशत यानी लगभग 2,402 करोड़ रुपये महाराष्ट्र सरकार उठाएगी, जबकि शेष राशि केंद्र सरकार से प्राप्त होगी. वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इस परियोजना को हाल ही में 150 करोड़ रुपये का नवीनतम आवंटन किया गया है. यह लाइन बीड, अहिल्यानगर और परली वैजनाथ सहित आसपास के इलाकों को जोड़ेगी और यहां के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति देगी.
मराठवाड़ा मुक्ति दिवस से पहले सरकार का तोहफा
अजित पवार ने परियोजना के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह रेल लाइन किसानों, छात्रों, उद्यमियों, व्यापारियों और आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी. उनके अनुसार, नई कनेक्टिविटी से निवेश को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र में व्यापार व उद्योगों का विस्तार होगा. पवार ने यह भी बताया कि बीड जिले का संरक्षक मंत्री बनने के बाद से उन्होंने हवाई अड्डा, सड़क और रेलवे जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को प्राथमिकता दी है.
सरकार का मानना है कि इस परियोजना से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि कृषि और औद्योगिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा. पवार ने कहा कि यह परियोजना बीड समेत पूरे मराठवाड़ा के लिए विकास का नया अध्याय लिखेगी. खासकर किसानों और छोटे व्यापारियों को अपने उत्पाद बड़े बाज़ारों तक पहुंचाने में आसानी होगी, जिससे उनकी आय में भी बढ़ोतरी होगी.
इस रेलवे लाइन पर 17 सितंबर को रेल सेवाओं का उद्घाटन किया जाएगा. इस दिन लाखों लोगों की लंबे समय से चली आ रही उम्मीदें पूरी होंगी. बीड के साथ-साथ पूरे मराठवाड़ा क्षेत्र में रोजगार, व्यापार और पर्यटन के नए अवसर खुलने की संभावना है. सरकार का दावा है कि आने वाले वर्षों में यह परियोजना जिले की कनेक्टिविटी और आर्थिक संरचना को पूरी तरह बदल देगी.
