कोलाबा में पतंगबाजी पर रोक, आईएनएस शिक्रा और आसपास के इलाके घोषित हुए ‘सेफ फ्लाइट जोन’

मुंबई के दक्षिणी हिस्से कोलाबा और उसके आसपास पतंग उड़ाने की घटनाओं को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने गंभीर चिंता जताई है। पश्चिमी नौसैनिक कमान के अधीन आने वाले इन इलाकों में नौसेना की हवाई गतिविधियां नियमित रूप से होती हैं।
कोलाबा में पतंगबाजी पर रोक, आईएनएस शिक्रा और आसपास के इलाके घोषित हुए ‘सेफ फ्लाइट जोन’

मुंबई के दक्षिणी हिस्से कोलाबा और उसके आसपास पतंग उड़ाने की घटनाओं को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने गंभीर चिंता जताई है। पश्चिमी नौसैनिक कमान के अधीन आने वाले इन इलाकों में नौसेना की हवाई गतिविधियां नियमित रूप से होती हैं। पुलिस आयुक्त कार्यालय को मिली रिपोर्ट के अनुसार, आजाद नगर और सुंदर नगर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में लोग पतंग उड़ा रहे हैं। यह गतिविधि न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि नौसेना के विमानों और हेलीकॉप्टरों की सुरक्षित उड़ान के लिए बड़ा खतरा भी बन सकती है।

नौसेना के एयर स्टेशन आईएनएस शिक्रा पर अक्सर हेलीकॉप्टरों की लैंडिंग और टेकऑफ होती रहती है। विशेषज्ञों का कहना है कि पतंगबाजी से अचानक टकराव का खतरा पैदा हो सकता है, जो किसी भी वक्त गंभीर हादसे का कारण बन सकता है। इसी खतरे को देखते हुए प्रशासन ने आईएनएस शिक्रा, आजाद नगर और सुंदर नगर क्षेत्रों को ‘सेफ एंड फ्री फ्लाइट जोन’ घोषित करने का फैसला लिया है। इसके तहत अब इन इलाकों में पतंग उड़ाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।

कोलाबा में पतंगबाजी पर रोक

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे इस आदेश का पालन करें और किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि पतंगबाजी जैसी गतिविधियां न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा को बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा को भी प्रभावित कर सकती हैं। नागरिकों से कहा गया है कि वे ऐसे कामों से बचें, जिनसे हवाई सुरक्षा और नौसेना की गतिविधियों में बाधा आ सकती है।

कोलाबा का नौसेना के लिए महत्व काफी बड़ा है। यहां स्थित नेवी नगर भारतीय नौसेना का एक प्रमुख प्रशासनिक और आवासीय क्षेत्र है, जिसमें कई महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान मौजूद हैं। आईएनएस शिक्रा, जो कोलाबा के पास स्थित है, भारतीय नौसेना का हेलीपोर्ट है। इसका इस्तेमाल नौसैनिक हेलीकॉप्टरों जैसे चेतक, सी किंग और कामोव के संचालन के लिए किया जाता है। ऐसे में प्रशासन का मानना है कि संवेदनशील क्षेत्रों में पतंग उड़ाने जैसी गतिविधियों पर रोक लगाना जरूरी कदम है, ताकि नौसेना की कार्यप्रणाली और हवाई सुरक्षा बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से चल सके।

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