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पुणे में CBI का बड़ा एक्शन: मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज के दो अधिकारी 2 लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार, जानें पूरा मामला

Written by:Ankita Chourdia
Published:
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने पुणे में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज (MES) के दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने एक ठेकेदार से बिल पास करने के एवज में 6 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी और 2 लाख की पहली किस्त लेते हुए रंगे हाथों पकड़े गए।
पुणे में CBI का बड़ा एक्शन: मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज के दो अधिकारी 2 लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार, जानें पूरा मामला

महाराष्ट्र के पुणे में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार पर प्रहार करते हुए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एजेंसी ने शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 को खड़की स्थित मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज (MES) के दो वरिष्ठ अधिकारियों को एक ठेकेदार से रिश्वत मांगने और लेने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए अधिकारियों की पहचान असिस्टेंट गैरीसन इंजीनियर सुनील निकम और जूनियर इंजीनियर सुरेश म्हस्के के रूप में हुई है।

यह कार्रवाई एक निजी कंपनी के पावर ऑफ अटॉर्नी धारक द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई। शिकायतकर्ता MES के लिए ठेके पर काम कर रहा था।

6 लाख की घूस मांगी, 2 लाख पर हुई थी डील

CBI द्वारा 3 फरवरी 2026 को दर्ज की गई शिकायत के अनुसार, ठेकेदार ने आरोप लगाया था कि उसका काम पूरा हो चुका था और उसने कंप्लीशन सर्टिफिकेट भी जमा कर दिया था। इसके बावजूद, उसके बिल का भुगतान जानबूझकर रोक दिया गया था। आरोप है कि बिल पास करने के बदले में MES के इन अधिकारियों ने उससे 6 लाख रुपये की भारी-भरकम रिश्वत की मांग की।

शिकायतकर्ता और अधिकारियों के बीच हुई बातचीत के बाद, रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 2 लाख रुपये देना तय हुआ था। इसी सूचना के आधार पर सीबीआई ने अपनी योजना तैयार की।

जाल बिछाकर रंगे हाथों पकड़ा

मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई ने जाल बिछाने का फैसला किया। गुरुवार, 5 फरवरी 2026 को, जैसे ही जूनियर इंजीनियर सुरेश म्हस्के ने शिकायतकर्ता से 2 लाख रुपये की रिश्वत ली, पहले से तैयार सीबीआई की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। रिश्वत की यह रकम उसके कार्यालय से ही बरामद की गई।

पूछताछ और जांच के दौरान इस पूरी साजिश में असिस्टेंट गैरीसन इंजीनियर सुनील निकम की भूमिका भी सामने आई, जिसके बाद सीबीआई ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया।

छापेमारी में मिली नकदी और दस्तावेज

गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने दोनों आरोपी अधिकारियों के कार्यालय और आवास परिसरों पर भी तलाशी अभियान चलाया। इस छापेमारी के दौरान अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले। इसके अलावा, करीब 1,88,500 रुपये की अतिरिक्त नकदी भी बरामद हुई, जिसका आरोपी कोई संतोषजनक हिसाब नहीं दे पाए। सीबीआई ने सभी दस्तावेज और नकदी जब्त कर ली है और मामले की आगे की जांच जारी है।