पुणे के पुरंदर एयरपोर्ट पर बड़ी खबर, पहले ही दिन 760 किसानों ने दिए 1100 एकड़ जमीन के संमतीपत्र

पुरंदर में प्रस्तावित छत्रपति संभाजीराजे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। सोमवार को पहले ही दिन सात गांवों के 760 किसानों ने 1100 एकड़ जमीन देने की सहमति जताई।
पुणे के पुरंदर एयरपोर्ट पर बड़ी खबर, पहले ही दिन 760 किसानों ने दिए 1100 एकड़ जमीन के संमतीपत्र

पुरंदर में प्रस्तावित छत्रपति संभाजीराजे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। सोमवार को पहले ही दिन सात गांवों के 760 किसानों ने 1100 एकड़ जमीन देने की सहमति जताते हुए संमतीपत्र जिला प्रशासन को सौंपे। खास बात यह है कि जब भूमि अधिग्रहण को लेकर विरोध जारी है, तब केवल एक ही दिन में आवश्यक भूमि का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा प्रशासन के कब्जे में आ गया है।

पुणे के पुरंदर एयरपोर्ट पर बड़ी खबर

जिला प्रशासन ने सोमवार से संमतीपत्र स्वीकार करना शुरू किया है। यह प्रक्रिया 21 दिनों तक चलेगी। जो किसान समय पर संमतीपत्र देंगे, उन्हें विकसित भूखंड के साथ चार गुना मुआवजा दिया जाएगा। पुरंदर तालुका के सात गांवों की 2673 हेक्टेयर जमीन विमानतल के लिए प्रस्तावित थी। लेकिन लगातार विरोध को देखते हुए सरकार ने 1285 हेक्टेयर जमीन ही अधिग्रहित करने का निर्णय लिया है। पहले ही दिन पारगांव से सर्वाधिक 320 किसानों ने संमतीपत्र सौंपे। जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी ने बताया कि संमती देने वाले सभी किसानों का मुआवजा तय कर दिया गया है।

संमतीपत्र जमा करने के लिए किसानों को अलग-अलग प्रशासनिक कार्यालयों में सुविधा दी गई है। ये कार्यालय उपविभागीय अधिकारी कार्यालय, नई प्रशासकीय इमारत (सासवड), कुंभारवळण रोड, तथा पुणे जिल्हाधिकारी कार्यालय (ए-विंग और बी-विंग) में बनाए गए हैं। किसान सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक अपने संमतीपत्र जमा करा सकते हैं।

जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी ने कहा कि जमीन मालिक अपनी जमीन को लेकर स्वतंत्र हैं और उन्हें समय पर संमतीपत्र जमा कर अपना मुआवजा सुनिश्चित करना चाहिए। अगर किसी किसान को संमतीपत्र न देने के लिए दबाव डाला जाता है, तो प्रशासन उसकी शिकायत पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा। प्रशासन का कहना है कि परियोजना से जुड़े किसानों को उचित और समय पर लाभ देने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं।

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