राज ठाकरे से मिले पूर्व विधायक सदा सरवणकर, कहा- “पुराना रिश्ता है, भूल नहीं सकते”

महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरणों की आहट एक बार फिर दिखाई दे रही है। शिवसेना के पूर्व विधायक और एकनाथ शिंदे गुट के नेता सदा सरवणकर ने सोमवार (22 सितंबर) को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे से मुलाकात की।
Raj Thackeray

महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरणों की आहट एक बार फिर दिखाई दे रही है। शिवसेना के पूर्व विधायक और एकनाथ शिंदे गुट के नेता सदा सरवणकर ने सोमवार (22 सितंबर) को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे से मुलाकात की। यह मुलाकात शिवाजी पार्क जिमखाना के पुनः उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान हुई। खास बात यह है कि 2024 के विधानसभा चुनाव में सरवणकर ने माहिम सीट से चुनाव लड़ा था, जहां उनके सामने एमएनएस प्रमुख के बेटे अमित ठाकरे थे। हालांकि उस चुनाव में दोनों को हार का सामना करना पड़ा और सीट उद्धव ठाकरे गुट के खाते में चली गई।

चुनाव के बाद पहली बार सार्वजनिक तौर पर इस तरह की मुलाकात ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। सदा सरवणकर ने राज ठाकरे से मुलाकात के बाद कहा, “मैंने राज ठाकरे का आशीर्वाद लिया और उन्होंने मेरी पीठ थपथपाई। हमारा रिश्ता बहुत पुराना है, जिसे हम भूल नहीं सकते। आज मैं उनका पड़ोसी हूं और यह नाता हमेशा कायम रहेगा।” उन्होंने 2024 के चुनाव में अपनी हार का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव एक अलग मुद्दा होता है और उस दौरान सभी नेताओं की जिम्मेदारियां अलग-अलग होती हैं।

राज ठाकरे से मिले पूर्व विधायक सदा सरवणकर

माहिम विधानसभा सीट पर हुए मुकाबले में दिलचस्प स्थिति रही। 2024 के चुनाव में उद्धव ठाकरे गुट (शिवसेना-यूबीटी) के महेश सावंत ने जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 50,213 वोट मिले, जबकि सरवणकर 48,897 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। वहीं, अमित ठाकरे को 33,062 वोट मिले और वे तीसरे स्थान पर रहे। यह अमित ठाकरे का पहला चुनाव था, लेकिन नतीजों ने उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत को चुनौतीपूर्ण बना दिया। इस कार्यक्रम में शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अनिल देसाई और विधायक महेश सावंत भी मौजूद थे, जो माहिम क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।

सदा सरवणकर का राजनीतिक सफर भी उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। उन्होंने 2014 और 2019 में शिवसेना के टिकट पर जीत दर्ज की थी, जब पार्टी अभी विभाजित नहीं हुई थी। 2009 में उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था, लेकिन उस समय राज ठाकरे की पार्टी के नेता नितिन सरदेसाई से हार गए थे। 2014 में उन्होंने सरदेसाई को हराकर जीत हासिल की और 2019 में एमएनएस के संदीप देशपांडे को हराकर विधानसभा पहुंचे। अब राज ठाकरे से उनकी मुलाकात भविष्य की राजनीति के लिए संकेत देती दिख रही है।

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