देश में गहराते आर्थिक और ऊर्जा संकट के बीच, एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार की बेटी और बारामती से सांसद सुप्रिया सुले ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दरअसल उन्होंने अपनी सुरक्षा में तैनात पुलिस टुकड़ी और उसके साथ दी गई गाड़ियों को तत्काल वापस लेने की मांग सरकार से की है। वहीं इस मांग के पीछे उन्होंने भारत के वर्तमान गंभीर आर्थिक और ऊर्जा संकट को प्रमुख कारण बताया है, जिसके परिणामस्वरूप ईंधन और अन्य संसाधनों का समझदारी से उपयोग करने की आवश्यकता उत्पन्न हो गई है।
दरअसल सुप्रिया सुले ने अपनी अपील में स्पष्ट किया कि वर्तमान में भारत एक गंभीर आर्थिक और ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है। ऐसे में देश के संसाधनों, विशेषकर ईंधन का, अत्यधिक सावधानी और जिम्मेदारी के साथ उपयोग करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सरकार से विनम्र आग्रह किया कि उनकी सुरक्षा के लिए प्रदान की गई पुलिस सुरक्षा टुकड़ी और उसके साथ संलग्न सभी वाहनों को तुरंत हटा लिया जाए। यह कदम देश की वर्तमान आर्थिक स्थिति के प्रति उनकी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी को दर्शाता है।
जानिए सुप्रिया सुले ने क्या कहा?
सध्या भारतासमोर भीषण आर्थिक तसेच उर्जासंकट उभा राहिले आहे. परिणामी इंधन आणि इतर संसाधनांचा जपून वापर करण्याची गरज निर्माण झाली आहे. या पार्श्वभूमीवर माझे शासनाला नम्र आवाहन आहे की, कृपया आपण माझ्या सुरक्षेसाठी दिलेला पोलीस बंदोबस्त आणि त्यासोबत दिलेली वाहने तातडीने काढून घ्यावी.…
— Supriya Sule (@supriya_sule) May 16, 2026
सांसद सुप्रिया सुले ने अपने बयान में कहा, “वर्तमान में, भारत एक गंभीर आर्थिक और ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है। इसके परिणामस्वरूप, ईंधन और अन्य संसाधनों का समझदारी से उपयोग करने की आवश्यकता उत्पन्न हो गई है। इस पृष्ठभूमि में, मैं अपनी सरकार से विनम्र अपील करती हूं कि कृपया मेरी सुरक्षा के लिए प्रदान की गई पुलिस सुरक्षा टुकड़ी और उसके साथ दी गई गाड़ियों को तत्काल वापस ले लिया जाए।” उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि देश के समक्ष उत्पन्न इन गंभीर चुनौतियों के समाधान में प्रत्येक नागरिक को अपना योगदान देना चाहिए।
सभी गाड़ियों को वापस लेने का अनुरोध किया
सांसद सुले ने आगे कहा कि देश के सामने मौजूद ऊर्जा और आर्थिक संकट के हल हो जाने के बाद ही स्थिति की समीक्षा की जानी चाहिए। यदि भविष्य में सुरक्षा की अत्यंत आवश्यकता महसूस हो, तो इसे पुनः बहाल करने पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए, उन्होंने अपनी सुरक्षा में तैनात पुलिस सुरक्षा टुकड़ी और सभी गाड़ियों को वापस लेने का अनुरोध किया है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग पर बहस छिड़ी हुई है और कई सार्वजनिक हस्तियाँ इस दिशा में पहल कर रही हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की देशवासियों से अपील
गौरतलब है कि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट और आर्थिक चुनौतियों के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों से पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने की अपील की थी। प्रधानमंत्री के इस आह्वान के बाद, कई राज्यों में मंत्रियों और सार्वजनिक हस्तियों ने अपने बेड़े में इलेक्ट्रिक गाड़ियां शामिल करके या अपने काफिले में कमी करके उदाहरण प्रस्तुत किया है। सुप्रिया सुले का यह कदम भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। उन्होंने अपनी इस मांग के माध्यम से आम जनता को भी संसाधनों के सदुपयोग के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया है।
महाराष्ट्र की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा सुप्रिया सुले ने इस निर्णय के माध्यम से न केवल सरकार को बल्कि समाज को भी एक संदेश दिया है। उनका मानना है कि जब देश वित्तीय और ऊर्जा संबंधी कठिनाइयों से गुजर रहा हो, तो सार्वजनिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को मितव्ययिता का परिचय देना चाहिए। यह केवल सुरक्षाकर्मियों की संख्या या वाहनों की वापसी का मामला नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक संदेश है कि संकट के समय में सभी को एकजुट होकर और जिम्मेदारी से काम करना होगा। यह कदम सार्वजनिक धन के कुशल प्रबंधन और पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है और वे इसे देशहित में मानती हैं। यह पहल उन नेताओं के लिए भी एक मिसाल पेश करती है जो अक्सर अपनी सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देते हैं।






