प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों से किफायत बरतने और कुछ बदलाव अपनाने की अपील की। इस अपील के बाद से देशभर में राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में उद्धव गुट की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने एक वीडियो जारी कर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जैसे ही चुनावी अभियान खत्म हुआ और दूसरे चरण का मतदान संपन्न हुआ, एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम तुरंत बढ़ा दिए गए। जबकि सरकार की ओर से यह आश्वासन दिया गया था कि सारी चीज़ें उनके नियंत्रण में हैं।
प्रियंका चतुर्वेदी ने सीधे तौर पर पूछा कि अगर देश की जनता ही सब कुछ करेगी, तो फिर सरकार की क्या जिम्मेदारी बनती है? उन्होंने स्टॉक मार्केट में दिख रही ‘पैनिक’ जैसी स्थिति का भी जिक्र किया और कहा कि जनता तो प्रधानमंत्री की अपील पर कोशिश करेगी, लेकिन सरकार की ओर से क्या प्रयास किए जाएंगे? क्या सरकार इस बात का आश्वासन दे सकती है कि वीवीआईपी मूवमेंट पर लगाम लगेगी?
प्रियंका चतुर्वेदी ने वीडियो जारी सरकार पर बोला हमला
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी अपने वीडियो में पूर्व राज्यसभा सांसद ने 28 फरवरी को ईरान और अमेरिका के बीच छिड़े युद्ध का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 70 दिनों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी यह युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह हमारे देश की 80 फीसदी से अधिक ऊर्जा सुरक्षा का मुख्य स्रोत है, जो विदेशों से आता है। गैस सिलेंडर के दामों को लेकर पहले यह कहा गया था कि सभी मार्केटिंग कंपनियां एक्साइज ड्यूटी और अन्य शुल्कों को कम करके उतार-चढ़ाव को संभाल लेंगी, और इसका खामियाजा जनता को नहीं भुगतना पड़ेगा।
प्रियंका चतुर्वेदी ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि दो महीने तक पूरी सरकार चुनावी कैंपेन में व्यस्त रही, जिसमें ‘साम, दाम, दंड, भेद’ का इस्तेमाल करके पश्चिम बंगाल में एक सरकार को हटाकर बीजेपी की सरकार बनाने की कोशिश हुई। इस दौरान किसी भी तरह के दाम बढ़ने की बात नहीं की गई, लेकिन जैसे ही चुनावी अभियान समाप्त हुआ और दूसरे चरण का मतदान पूरा हुआ, एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए गए। उन्होंने यह भी बताया कि इन दो महीनों के बीच गैस पर निर्भर कई कंपनियों को बंद करना पड़ा। नोएडा में भी भारी संख्या में प्रदर्शन हुए थे, जो हिंसक भी हो गए थे। तब सरकार ने दावा किया था कि सब कुछ उनके नियंत्रण में है और कोई दिक्कत नहीं है।
पीएम मोदी की अपीलों पर प्रियंका ने दागे सवाल
शिवसेना यूबीटी नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश की जनता से की गई अपील को विस्तार से बताया। प्रधानमंत्री ने जनता से वर्क फ्रॉम होम करने, कुकिंग ऑयल कम इस्तेमाल करने, स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करने, सोना कम खरीदने, कार पूलिंग करने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने और फिलहाल विदेश यात्रा टालने के साथ ही फर्टिलाइजर्स का इस्तेमाल कम करने को कहा था। प्रियंका चतुर्वेदी ने इन अपीलों पर सीधा सवाल दागते हुए कहा कि अगर ये सब कुछ देश की जनता ही करेगी, तो सरकार की क्या जिम्मेदारी है? उन्होंने वीवीआईपी कल्चर पर भी निशाना साधा। उनका कहना था कि सरकार के सांसदों, विधायकों और मुख्यमंत्रियों को पहले वीवीआईपी कल्चर से परेशानी थी, लेकिन उनके शासन में सबसे ज्यादा वीवीआईपी मूवमेंट देखे जा रहे हैं। उन्होंने पूछा कि मंत्रियों के साथ चलने वाले बड़े-बड़े काफिलों पर क्या रोक लगाई जाएगी?
प्रियंका चतुर्वेदी ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए पूछा कि चुनाव के दौरान जो बड़ी संख्या में रैलियां हो रही थीं, उनमें जनता कहां से आ रही थी? बसों और गाड़ियों का इस्तेमाल करके ही तो आ रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि टैक्सपेयर के पैसे खर्च करके ये रैलियां आयोजित की जा रही थीं। शपथग्रहण समारोहों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 21 मुख्यमंत्री प्राइवेट जेट या कमर्शियल प्लेन से आए थे। क्या इसमें कटौती की जाएगी? क्या सरकार यह आश्वासन दे सकती है कि वीवीआईपी मूवमेंट पूरी तरह खत्म होगा? और क्या बड़ी चुनावी रैलियों पर पाबंदी लगाई जाएगी?
प्रियंका ने क्यों दिलाई हिमंत बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण की याद?
प्रियंका चतुर्वेदी ने याद दिलाते हुए कहा कि 12 मई को हिमंत बिस्वा सरमा जी का शपथ ग्रहण समारोह है। क्या सरकार यह आश्वस्त करेगी कि इसमें लगने वाले बड़े जमावड़े पर रोक लगेगी, जिसमें देश भर से अलायंस पार्टनर के नेता और मुख्यमंत्री आते हैं? उन्होंने पूछा कि जिस तरह आम लोगों को वर्क फ्रॉम होम करने की सलाह दी जा रही है, क्या ये लोग गवर्नर हाउस के कमरे में बैठकर शपथ ग्रहण करेंगे? उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए कहा कि अगर ये सारी बातें सभी पर लागू हों, तो कितना अच्छा होगा।
गौरतलब है कि 10 मई को एक जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने जनता से कुछ बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने की अपील की थी। इनमें पेट्रोल-डीजल बचाना, मेट्रो या इलेक्ट्रिक वाहन का इस्तेमाल करना, कार पूल करना, वर्क फ्रॉम होम या वर्चुअल मीटिंग करना, विदेशी टूर और शादियों को टालना, एक साल तक सोना न खरीदना, खाने के तेल में कटौती करना और केमिकल खाद की खपत आधी करना शामिल था।
जो नसीहत युद्ध के चलते जनता को दी है क्या वही नसीहत भाजपा के मंत्री और नेताओं पर भी लागू होगी? pic.twitter.com/DZD6gt3fgt
— Priyanka Chaturvedi🇮🇳 (@priyankac19) May 11, 2026






