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जनजातीय कार्य विभाग के AE ने बिल भुगतान करने के बदले मांगी रिश्वत, 20,000 रुपये की पहली किस्त लेते लोकायुक्त पुलिस ने दबोचा

Written by:Atul Saxena
Published:
रिश्वत लेने वाले शासकीय सेवकों पर हो रहे लगातार एक्शन के बाद भी मध्य प्रदेश में पदस्थ अधिकारी और कर्मचारी बेख़ौफ़ होकर रिश्वतखोरी कर रहे हैं और अपनी नौकरी को दांव पर लगा रहे हैं।
जनजातीय कार्य विभाग के AE ने बिल भुगतान करने के बदले मांगी रिश्वत, 20,000  रुपये की पहली किस्त लेते लोकायुक्त पुलिस ने दबोचा

jabalpur lokayukta police action

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश पर भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी पर जीरो टोलरेंस के तहत लगातार एक्शन हो रहे हैं, ईओडब्ल्यू, लोकायुक्त पुलिस जैसी एजेंसियां भ्रष्ट शासकीय सेवक को रंगे हाथ दबोच रही हैं, इसी क्रम में आज लोकायुक्त पुलिस ने मंडला में एक घूसखोर सहायक यंत्री को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

जबलपुर लोकायुक्त पुलिस एसपी कार्यलय से मिली जानकारी के मुताबिक नगर परिषद डूमर कछार अनुपपुर के रहने वाले रौशन कुमार तिवारी, नारायणगंज मंडला में रहते हैं और ठेकेदारी करते हैं उन्होंने एक शिकायती आवेदन दिया जिसमें जनजातीय कार्य विभाग मंडला में पदस्थ सहायक यंत्री नरेन्द्र कुमार गुप्ता पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाये थे।

बिल भुगतान करने सहायक यंत्री ने मांगी 56000 रुपये रिश्वत   

आवेदक रौशन कुमार तिवारी ने आवेदन में बताया कि उनकी एक फर्म बोरिंग बिल्डर्स के नाम से है जिसके माध्यम से उन्होंने वर्ष 2024 में जनजातीय कार्य विभाग मंडला में रिपेयर एवं मेंटीनेन्स का कार्य किया था, जिसके बिल भुगतान के एवज में सहायक यंत्री नरेन्द्र कुमार गुप्ता 56000 की रिश्वत की मांग कर रहे हैं।

61 साल के AE 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार 

शिकायत के बाद इसकी सत्यता की जाँच की गई जो सही पाई गई, सहायक यंत्री ने पहली क़िस्त के साथ आवेदक को अपने शासकीय कार्यालय बुलाया, लोकायुक्त पुलिस एसपी के निर्देश पर निरीक्षक राहुल गजभिये के नेतृत्व में ट्रैप दल गठित किया गया और आज 11 सितम्बर को जनजातीय कार्य विभाग मंडला के कार्यालय में 61 वर्षीय सहायक यंत्री नरेन्द्र कुमार गुप्ता को रिश्वत की पहली क़िस्त 20 000 रुपये लेते रंगे हाथ पकड़ लिया गया।