
Morena News: एक तरफ राज्य सरकार और केंद्र सरकार पानी बचाने के लिए कई अभियान चला रही है और लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं सरकारी संस्थाएं पानी की बर्बादी पर गंभीर नहीं दिखतीं। ऐसा ही मामला मध्य प्रदेश के मुरैना जिला अस्पताल से सामने आया है जहां कर्मचारियों की लापरवाही के कारण रोजाना हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। टंकी में पानी भरने के बाद भी घंटों पंप चलता रहता है।

खराब टोटियों से लगातार बह रहा पानी
जिला अस्पताल की लापरवाही कह लिजिए अथवा जल संरक्षण के प्रति उनकी उदासीनता। अस्पताल के शौचालय में लगी नल की टोटियां खराब पड़ी या फिर टूटी हुई है। टोटियों से हर क्षण गिर रहा पानी का एक-एक बूंद आने वाली पीढि़यों से बहुत दूर होने की कहानी बयां कर रहा है। लाख प्रयास के बाद भी जल संरक्षण को लेकर सरकारी महकमा सचेत नहीं हो पा रहा है। यह वाकया कहीं और का नहीं, जिला अस्पताल के शौचालय में लगे नल की टोटी का है। जिसमें से हर रोज हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। मगर इस और जिम्मेदार का कोई ध्यान नहीं है। इसके कारण हजारों लीटर पीने के पानी की बरबादी हो रही है।
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मुरैना से नितेंद्र शर्मा और अमित सेंगर की रिपोर्ट
