मुरैना का जवान शहीद, सैनिक सम्मान के साथ की गयी अंत्येष्टि

मुरैना का जवान शहीद, सैनिक सम्मान के साथ की गयी अंत्येष्टि

मुरैना, संजय दीक्षित। आर्मी में पदस्थ मुरैना (morena) शहर का जवान दिल्ली में ड्यूटी के दौरान शहीद हो गया। रविवार की सुबह सैनिक के पार्थिव देह उसके गृह नगर मुरैना के शिवलालपुरा में पहुँचा। जहां सैनिक सम्मान के साथ उसकी अंत्येष्टि की गई। मुरैना के शिवलालपुरा निवासी 42 वर्षीय हवलदार सिंह गुर्जर राजपूत रेजीमेंट में कोबरा टीम में हवलदार के पद पर पदस्थ थे। रोज की तरह शनिवार को पूरी वटालियन में शस्त्रों के साथ पीटी परेड चल रही थी। इस परेड में हवलदार सिंह भी शामिल हुए और परेड पूरी करने के बाद वह अपनी रायफल को जमा कराने के लिए रेजीमेंट की शस्त्र शाखा में गए थे।

इसी दौरान वह चक्कर खाकर जमीन पर गिर पड़े।तभी उनके साथियों ने तत्काल उन्हें अस्पताल के लिए ले जाया गया।, जहां डॉक्टरों ने चेकअप के बाद हवलदार सिंह को मृत घोषित कर दिया गया। ड्यूटी के दौरान शहादत को प्राप्त हुए हवलदार सिंह का पार्थिव शरीर रविवार की सुबह उनके घर पहुंचा। तो पूरी बस्ती का माहौल गमगीन हो गया। उनकी अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए। प्रशासन की ओर से श्रद्धांजलि देने के लिए एसडीएम आरएस बाकना, सीएसपी प्रियंका मिश्रा, रविन्द्र सिंह मावई सहित कई लोगों ने नम: आखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews