मुरैना ज़िले में माहौल बिगड़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर नज़र आ रहा है। ज़िले में किसी भी तरह से सामाजिक और जातिगत तनाव से शांति भंग न हो इसलिए कलेक्टर और जिला दंडाधिकारी लोकेश कुमार जांगिड़ ने BNSS की धारा 163 लागू कर दी है।
आपको बता दें, अब नए आदेश के मुताबिक़ बिना अनुमति के किसी भी तरह की छोटी या बड़ी रैली, जुलूस, धरना प्रदर्शन, पद यात्रा या किसी भी तरह की बाइक रैली निकालने पर रोक रहेगी। इस तरह के कोई भी कार्य करने से पहले संबंधित SDM से मंज़ूरी लेना ज़रूरी रहेगा। इतना ही नहीं सार्वजनिक कार्यक्रमों में हथियार ले जाने, भड़काऊ भाषण देने, आपत्तिजनक नारे लगाने और आपत्तिजनक सामग्री फैलाने पर भी सख़्त पाबंदी लगा दी गई है।
कलेक्टर ने किया स्पष्ट
कलेक्टर ने यह स्पष्ट कर दिया है की अनुमति मिलने के बाद भी यदि कोई ऐसी गतिविधि पाई जाती है। जिससे की ज़िले का मान सम्मान ख़राब होता है, लोगों में हिंसा बढ़ती है, तो उसी वक़्त अनुमति तुरंत निरस्त कर दी जाएगी। ज़िले के सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है ताकि क़ानून व्यवस्था बनी रहे।
सोशल मीडिया पर भी नजर
सोशल मीडिया पर भड़काऊ और आपत्तिजनक सामग्री शेयर करने वालों पर अब शिकंजा कसा जाएगा। नियम के अनुसार व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और X जैसे प्लेटफॉर्म्स पर विवादित पोस्ट की जानकारी मिलते ही ग्रुप एडमिन को उसे तुरंत हटाकर पुलिस को खबर देनी होगी। ऐसा न करने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 230 सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।







