काम ना आई सिंधिया से गुहार, अब सरकार का करेंगे बहिष्कार

काम ना आई सिंधिया से गुहार, अब सरकार का करेंगे बहिष्कार

मुरैना, नितेन्द्र शर्मा। सहारा इंडिया कंपनी (Sahara India) के द्वारा अपनी जीवन भर की गाढ़ी कमाई वापस न लौटाए जाने से नाराज कैलारस के लोगों ने विरोध का नया तरीका निकाला है। अब इन लोगों ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनके भुगतान की अविलंब व्यवस्था नहीं की गई तो वे नगरीय निकाय चुनाव में सरकार के विपक्ष में मतदान करेंगे।

देश और प्रदेश की तरह मुरैना जिले के कैलारस में भी हजारों लोगों का पैसा सहारा इंडिया कंपनी में फंसा पड़ा है। दरअसल लोक लुभावन स्कीमो का जाल दिखाकर कंपनी ने निवेशकों का पैसा निवेश तो करा लिया लेकिन परिपक्वता अवधि पूरी होने के बावजूद अब उनका पैसा वापस नहीं किया जा रहा है। अकेले कैलारस में लगभग 7000 निवेशक हैं जिनका 50 करोड़ रूपये से ज्यादा पैसा सहारा इंडिया कंपनी में पिछले 10 वर्ष से फंसा हुआ है। अभी कुछ दिन पहले ही इस मामले को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya scindia) के सामने जोर-शोर से उठाया गया था और सिंधिया ने दिल्ली में सहकारिता मंत्रालय से लेकर मुरैना के कलेक्टर और एसपी को भी इस मामले में कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके लोगों को राहत नाम की चीज नहीं मिली। इससे परेशान होकर लोगों ने तहसीलदार कैलारस भरत कुमार को ज्ञापन दिया है और मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए इस मामले में त्वरित कार्रवाई करने की अपील की है। ऐसा ना होने पर मुरैना जिले के निवेशकों के द्वारा नगरीय निकाय चुनाव और पंचायत चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों के खिलाफ माहौल बनाकर विरोध में मतदान करने की चेतावनी भी दी गई है। निवेशक इसके लिए अपने घरों पर होर्डिंग और बैनर भी लगा रहे हैं जिन में साफ लिखा गया है “पहले सहारा से भुगतान अन्यथा सरकार के विरोध में मतदान।”

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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