कलेक्टर ने कहा- ‘समाज एवं देश को नशा मुक्त करने में मदद करें विद्यार्थी’

कलेक्टर ने कहा- ‘समाज एवं देश को नशा मुक्त करने में मदद करें विद्यार्थी’

संजय दीक्षित/मुरैना। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर कलेक्टर श्रीमती प्रियंका दास ने कहा कि विद्यार्थी अगर ठान लें तो नशा मुक्त परिवार,समाज एवं देश बन सकता है। इसके लिये छात्रों के साथ में समाज सेवियों को आगे बढ़कर कार्य करने की जरूरत है।

शहर के प्रतिष्ठित स्कूल में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रही कलेक्टर ने कहा कि आज जरूरत है नशामुक्त समाज बनाने की। लेकिन इसके लिये केवल नीतियां बनाना ही पर्याप्त नहीं बल्कि हमें जागरूकता फैलाने की भी जरूरत है।  छात्रों के साथ में समाज सेवियों को आगे बढ़कर कार्य करने की जरूरत हैै। उन्होंने कहा कि हम लोग महात्मा गांधी के बताये पथ पर तो चलते हैं, परन्तु अब तक नशे की कुरीती को जड़ से नष्ट नहीं पर पाए हैं। सभी मादक पदार्थों पर स्पष्ट लिखा रहता है कि यह स्वास्थ्य के लिये हानिकारक है इससे कैंसर जैसी भयानक बीमारियां उत्पन्न होती है, इसके बावजूद भी लोग उसका सेवन करते है। उन्होंने कहा कि अब सार्वजनिक स्थानों पर नशे का सेवन नहीं कर सकते और स्कूल, धार्मित स्थलों पर सरकार द्वारा पूर्णतः प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया है और अगर विद्यार्थी ठान लें तो हमारे देश से नशा स्वतः समाप्त हो जायेगा। इस अवसर पर स्कूल की प्राचार्य श्रीमती कादमिनी शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किये।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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