वोटिंग के दौरान कांग्रेस नेता को लगी गोली, बसपा प्रत्याशी के बेटे पर आरोप

वोटिंग के दौरान कांग्रेस नेता को लगी गोली, बसपा प्रत्याशी के बेटे पर आरोप

मुरैना, संजय दीक्षित| मध्य प्रदेश (Madhyapradesh) की 28 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान (Voting) समाप्त हो गया| मुरैना और भिंड जिले में एक बार फिर गोलियों की गूँज सुनाई दी| उपचुनाव (Byelection) में स्टेशन थाना क्षेत्र के गोटेनगर में बूथ पर वोटिंग के दौरान गड़बड़ी की आशंका की सूचना मिलने पर पहुँचे काँग्रेस समर्थक को गोली मार दी गई| काँग्रेस प्रत्याशी के भाई रविन्द्र सिंह के भाई ने बसपा प्रत्याशी (BSP Candidate) के बेटे पर फायरिंग के आरोप लगाए हैं|

काँग्रेस प्रत्याशी के भाई रविन्द्र सिंह का कहना है कि बूथ पर गड़बड़ी की शिकायत मिल रही थी जिसे देखने के लिए में अपने मित्र पूर्व पार्षद गोविंद गोले के साथ बूथ पर गया था तभी बसपा प्रत्याशी के बेटे रिंकू और उनके साथियों ने मुझ पर फायरिंग की जो कि गोविंद गोले को जा लगी।जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल अवस्था मे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गोली बारी की घटना को लेकर काँग्रेस समर्थक स्टेशन थाने पहुंच गए।जहां एफआईआर की मांग कर रहे हैं।

इधर, गोलीबारी की सूचना मिलते ही बसपा प्रत्याशी रामप्रकाश राजोरिया भी समर्थकों के साथ थाने पहुंचे तो उनका कहना है कि बीती रात बसपा समर्थकों की मारपीट की गई थी।जिसे लेकर झूठा सडयंत्र बना कर एफआईआर करा रहे है।अगर झूटी एफआईआर दर्ज की गई तो आंदोलन करेंगे।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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