जब ओवर कॉन्फिडेंस में हो गई पूर्व मंत्री की किरकिरी, बीजेपी ने ली चुटकी

jitu patwari

इंदौर, आकाश धोलपुरे| मध्य प्रदश (MadhyaPradesh) की 28 सीटों पर होने वाले उपचुनाव (By-election) को लेकर भाजपा (BJP) और कांग्रेस (Congress) पूरे दमखम के साथ मैदान में है| दोनों दल अपने अपने कामकाजों को गिना रहे हैं| लेकिन चुनावी माहौल में कई मौके ऐसे भी आ रहे हैं, जब जनता के सामने नेताजी असहज हो गए| प्रत्याशियों के विरोध के अब तक कई वीडियो सामने आ चुके हैं| इस बीच पूर्व मंत्री जीतू पटवारी (Jitu Patwari) का ओवर कॉन्फिडेंस भारी पड़ गया और उनकी किरकिरी हो गई|

दरअसल, सांवेर विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार में जुटे जीतू पतवार ने रविवार को भी कई इलाकों में जनसम्पर्क किया| इस दौरान पटवारी ने एक बुजुर्ग महिला को आगे लाकर कहा- ये हमारी दादी हैं। ईमानदारी से बताना, आपको हमारी सौगंध है, मैं आपका पोता हूं। कमलनाथ सरकार की क्या-क्या कमियां हैं। पटवारी को उम्मीद थी कि महिला कमलनाथ सरकार की तारीफ करेंगी, लेकिन हो गया इसका उलटा| महिला ने तत्काल जवाब दिया और कहा कि बहुत कमियां थीं। महिला का जवाब सुनकर वहाँ मौजूद लोग हंसने लगे|

भाजपा ले रही चुटकी
जीतू पटवारी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है| भाजपा भी इस वीडियो पर चुटकी ले रही है| बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने वीडियो शेयर करते हुए ट्वीट कर लिखा-कमलनाथ सरकार की गलतियां, कसूर, पाप भारतीय जनता पार्टी ही नहीं जनता भी गिना रही है। लो आप खुद सुन लो सरेआम मीडिया के सामने अम्मा ठेठ बता दिया’

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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