दादी मां ने की अब कमलनाथ सरकार की तारीफ, बोलीं- फिर आएं नाथ

dadi

 इंदौर, आकाश धोलपुरे| पूर्व मंत्री जीतू पटवारी (Jitu Patwari) के सामने कमलनाथ सरकार (Kamalnath Government) में कई कमियां बताने वाली दादी का अब एक और वीडियो सामने आया है| जिसमे अब वो कमलनाथ सरकार की तारीफ करती नजर आ रही हैं| पिछले दिनों उनका एक वीडियो वायरल हुआ था| जिसमे उन्हने कहा था कि कमलनाथ सरकार में कई कमियां थी, भाजपा (BJP) ने इस मुद्दे को लपकते हुए कांग्रेस (Congress) पर जमकर निशाना साधा था|

दरअसल, पहली बार मीडिया के कैमरों के सामने आई दादी घबरा गई और उन्होंने जीतू मंत्री के सवाल का तपाक से जवाब दे दिया| अब उन्ही दादी का एक और वीडियो वायरल हुआ है| यह वीडियो दादी के पास जाकर कुछ पत्रकारों ने बनाया जिसमे दादी ने बताया कि वो उस समय कैमरा देखकर घबरा
गई थी | इसमें वो कमलनाथ सरकार की तारीफ करते हुए कह रही हैं कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनना चाहिए, सरकार गिराने के सवाल पर भी उन्होंने कहा यह अच्छा नहीं हुआ|

बता दें कि पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने चुनाव प्रचार के दौरान एक बुजुर्ग महिला को मीडिया के सामने लाकर खड़ा कर दिया था। इसके बाद उन्होंने कहा- ये हमारी दादी हैं। ईमानदारी से बताना, आपको हमारी सौगंध है, मैं आपका पोता हूं। कमलनाथ सरकार की क्या-क्या कमियां हैं। दादी ने झट से कहा- बहुत कमियां थीं। इसका वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर यह कहकर जमकर निशाना साधा था कि दादी ने सच्चाई बता दी|

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews