कलेक्टर की अभिनव पहल, मीडियाकर्मियो को करोना से बचाने उठाये कदम

कलेक्टर की अभिनव पहल, मीडियाकर्मियो को करोना से बचाने उठाये कदम

नरसिंहपुर।लॉक डाउन के बीच नरसिंहपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना ने नई पहल की है।कलेक्टर ने मीडियाकर्मियो को करोना से बचाने के लिए कड़े कदम उठाए है।कलेक्टर ने अपील करते हुए कहा है कि कोरोना वाईरस के तीसरे चरण में प्रवेश की आशंका से मुझे अब मीडिया के साथियों की बड़ी चिंता हो रही है।मीडियाकर्मी साथियों से अनुरोध है कि अब यथासंभव घर से बाहर नहीं निकले और वर्क एट होम चालू करें। इससे आप अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकेगें।यदि किसी मामले पर आप बाईट चाहते हैं अथवा प्रशासन से किसी प्रश्न का जबाव चाहते हैं तो उसकी जानकारी वाटसअप के माध्यम से राहुल वासनिक PRO को दे।

कलेक्टर ने कहा कि मैं आपको यथाशीघ्र बाईट/उत्तर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करूँगा। यदि किसी घटना विशेष के कवरेज के लिये फ़ील्ड पर आपकी उपस्थिति अपरिहार्य होगी तो हम आपको वहाँ पहुँचाने के लिये इंतज़ाम सुनिश्चित करेगें। मीडियाकर्मियों के परिवार के सदस्य यदि मेरी अपील को पढ़ रहे हैं तो उनसे भी निवेदन है इन जुझारू और जान हथेली पर रखकर चलने वाले दुस्साहसी मीडियाकर्मियों को घर से बाहर निकलकर स्वयं और परिवार की जान जोखम में डालने की इजाज़त क़तई न दें।आज मैं एक ख़तरा उठा रहा हूँ और इनकी पेट्रोल सप्लाई को अत्यंत सीमित कर रहा हूँ, हो सकता है कि इसके बाद मेरी आलोचनायें और मीडिया मे निगेटिव प्रचार शुरू हो जाये, पर मै आशान्वित हूँ कि कलेक्टर होने के नाते आप मेरी मजबूरी को समझेंगे। समाज के हर वर्ग की जानमाल की सुरक्षा करना मेरी ज़िम्मेदारी है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews