Hindi News

सरकारी कर्मचारियों को मार्च में मिल सकता है तोहफा, बढ़ेगा महंगाई भत्ता, 58% से बढ़कर होगा 60%! जानें कितनी बढ़ेगी सैलरी?

Written by:Pooja Khodani
Published:
7th Pay Commission DA Hike: केंद्रीय कर्मचारियों का जनवरी 2026 से डीए 58% से बढ़कर 60% होने की उम्मीद है। डीए वृद्धि पर अंतिम मुहर केंद्रीय कैबिनेट की बैठक के बाद लगेगी। इसके बाद वित्त मंत्रालय के आदेश जारी होंगे।
सरकारी कर्मचारियों को मार्च में मिल सकता है तोहफा, बढ़ेगा महंगाई भत्ता, 58% से बढ़कर होगा 60%! जानें कितनी बढ़ेगी सैलरी?

Employee DA Hike

देश के 48 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनर्स को जनवरी 2026 से बढ़ने वाले महंगाई भत्ते का इंतजार है। संभावना है कि मार्च महीने में केंद्र की मोदी सरकार महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की नई दरों का ऐलान कर सकती है। श्रम ब्यूरो (Labour Bureau) द्वारा जारी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के छमाही आंकड़ों के आधार पर जनवरी 2026 से 2% महंगाई भत्ता बढ़ने की उम्मीद है।

दरअसल, ​श्रम मंत्रालय के AICPI-IW के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 तक सूचकांक 148.2 अंक पर रहा है। इस आधार पर 12 महीने के औसत का उपयोग करते हुए 7वें वेतन आयोग के फॉर्मूले के तहत गणना करने पर महंगाई भत्ते का स्कोर 60.35% होता है। चुंकी महंगाई भत्ते की गणना दशमलव के बाद के अंकों से नहीं होती है, इसलिए जनवरी 2026 से प्रभावी होने वाली DA की नई दर 60% होने की पूरी संभावना है। इसका लाभ पेंशनर्स को भी मिलेगा।

वर्तमान में मिल रहा है 58% डीए, बढ़कर होगा 60%

  • वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को 58% की दर से महंगाई भत्ते और महंगाई राहत का लाभ मिल रहा है। ​दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 2% की बढ़ोतरी होना लगभग तय माना जा रहा है ऐसे में डीए बढ़कर 60% हो जाएगा। चुंकी नई दरें जनवरी से प्रभावी होंगी ऐसे में जनवरी और फरवरी में एरियर भी मिलना तय है।
  •  यह डीए बढ़ोतरी 31 दिसंबर 2025 को 7वें वेतन आयोग के औपचारिक समापन के बाद पहली समीक्षा होगी। हालांकि इस संबंध में अभी तक केंद्र सरकार की तरह से कोई आधिकारिक पुष्टि या बयान सामने नहीं आया है। 1 जनवरी 2026 से 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की सिफारिशों को लागू करने की चर्चा भी जोरों पर है। हालांकि, जब तक नया वेतन ढांचा पूरी तरह अधिसूचित नहीं हो जाता, तब तक 7वें वेतन आयोग के नियमों के तहत ही डीए की गणना और भुगतान किया जाएगा।

साल में 2 बार बढ़ता है केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता

केंद्र सरकार द्वारा साल में दो बार केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते व महंगाई राहत की दरों में संशोधन किया जाता है। यह आंकड़े हर साल जनवरी से जून और जुलाई से दिसंबर के बीच जारी किए जाते हैं। नई दरें जनवरी और जुलाई से लागू की जाती हैं। यह दरें श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा जुलाई से दिसंबर 2025 तक जारी अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के आंकड़ों पर निर्भर करती हैं।

जानिए किसकी कितनी बढ़ेगी सैलरी?

2 % महंगाई भत्ता बढ़ने पर केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में अलग-अलग लेवल के हिसाब से सालाना 4,800 से 24,000 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है।

  • यदि बेसिक सैलरी 20,000 रुपए है और 58% DA पर 31,600 रुपए मिलते हैं तो 60% DA होने पर वेतन में हर माह 400 रुपए का इजाफा होगा और 32,000 रुपए मि सकते हैं।
  • 40,000 बेसिक सैलरी वालों के वेतन में हर माह 800 रुपए का इजाफा होगा और 63,200 की जगह 64,000 रुपए मिलेंगे। बेसिक सैलरी 50,000 है तो 79,000 की जगह 80,000 रुपए मिलने की उम्मीद है।
  • 60,000 बेसिक सैलरी वालों को 94,800 की जगह 96,000, 80,000 वालों को 1,26,400 की जगह 1,28,000 और 1,00,000 लाख सैलरी वालों को 1,58,000 की जगह 1,60,000 मिल सकते हैं।

आईए जानते है कैसे होती है महंगाई भत्ते की गणना

  • महंगाई भत्ता एक भुगतान है जो केन्द्र और राज्य सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मुद्रास्फीति के प्रभाव को संतुलित करने के लिए देती हैं। यह वेतन का एक अतिरिक्त हिस्सा होता है, जिसे समय-समय पर महंगाई दर के आधार पर संशोधित किया जाता है। इसे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के अनुसार तय करती है।
  • केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते की गणना करने का एक फॉर्मूला है। फॉर्मूला है: 7वां सीपीसी डीए% = [{पिछले 12 महीनों के लिए एआईसीपीआई-आईडब्ल्यू (आधार वर्ष 2001=100) का 12 महीने का औसत – 261.42}/261.42×100]
मध्य प्रदेश से जुड़ी विश्वसनीय और ताज़ा खबरें MP Breaking News in Hindi यहां आपको मिलती है MP News के साथ साथ लगातार अपडेट, राजनीति, अपराध, मौसम और स्थानीय घटनाओं की सटीक जानकारी। भरोसेमंद खबरों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें और अपडेटेड रहें !
Pooja Khodani
लेखक के बारे में
खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 9 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani
Follow Us :GoogleNews