कर्मचारियों के 18 महीने के डीए एरियर पर ताजा अपडेट, संगठनों की बड़ी तैयारी, जनवरी में अहम बैठक

2000 Rupee Note Exchange,

7th Pay Commission : नए साल से पहले 1 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों ( Central Government employees) को बड़ा झटका लगा है। केन्द्र की मोदी सरकार ने 18 महीने के डीए एरियर देने से इंकार कर दिया है। राज्यसभा में वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने इस संबंध में जानकारी दी है।इसके बाद कर्मचारियों-पेंशनरों में नाराजगी बढ़ गई है और अब वे आंदोलन करने तैयारी में है। इसको लेकर नए साल में एक अहम बैठक होगी और इसके लिए सभी संगठनों को न्यौता भेजा गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो एरियर रोके जाने के खिलाफ अब केंद्रीय कर्मचारी संगठन ने अगले महीने 7 जनवरी को दिल्ली में एक अहम बैठक बुलाने का फैसला किया है, जिसमें आंदोलन की रणनीति तय होगी।अमर उजाला की खबर के अनुसार, अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी महासंघ ‘एआईडीईएफ’ के महासचिव और ‘स्टाफ साइड’ की राष्ट्रीय परिषद (जेसीएम) के सदस्य सी. श्रीकुमार का कहना है कि एक तरफ वित्त मंत्री देश की अर्थव्यवस्था बेहतर होने का दावा करती हैं और दूसरी तरफ अर्थव्यवस्था का हवाला देकर एरियर रोक दिया जाता है। । 7 जनवरी को दिल्ली में बैठक के लिए भारतीय मजदूर संघ सहित सभी कर्मचारी संगठनों को न्यौता भेजा गया है। इसके बाद आगे की रणनीति तय होगी।

1 करोड़ कर्मचारियों को झटका

दरअसल, केन्द्रीय कर्मचारियों का जुलाई 2020 से जनवरी 2021 तक का डीए का एरियर बकाया है, 2 साल पहले कोरोना काल में 48 लाख केंद्रीय कर्मचारियों व 64 लाख पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते/महंगाई राहत पर रोक लगा दी गई थी, जिसकी वे लंबे समय से मांग उठा रहे थे। कर्मचारियों को उम्मीद थी कि जल्द बकाया का भुगतान कर दिया जाएगा, चुंकी इसको लेकर कई दौर की बैठकें हो चुकी थी और सचिव शिव गोपाल मिश्रा सरकार को कई बार पत्र लिख चुके थे और पेंशनर्स संघ भी पीएम मोदी से अपील कर चुके था।

केन्द्र सरकार का साफ इंकार

लेकिन कर्मचारियों-पेंशनरों की उम्मीदें उस वक्त टूट गई जब मंगलवार को संसद में केन्द्र सरकार ने साफ कर दिया है कि महंगाई भत्ते के 18 महीने का एरियर जारी करना व्यावहारिक नहीं है।ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।सरकार ने कहा कि वित्तीय प्रभाव के चलते कर्मचार्यों को डीए और पेंशनभोगियों को डीआर का एरियर को जारी करना उचित नहीं समझा गया। वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने सदन में एक प्रश्न के लिखित जवाब में साफ किया कि कोरोना काल में रोकी गई केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की बकाया किस्‍तें जारी करना व्‍यावहारिक नहीं है।

11000 से 2 लाख तक बनेगा एरियर

अब कर्मचारी यूनियन सरकार के इस जवाब से नाखुश है, उनका कहना है कि इसे रोका नहीं जा सकता है। सरकार को इस मामले में दूसरे पहलुओं पर भी विचार करना चाहिए ,यूनियन अब आंदोलन की रणनीति बना रही हैं। अनुमान है कि एरियर की कुल राशि करीब 34,000 करोड़ रुपए है, जिससे केंद्र सरकार को बचत हुई है।संभावना है कि लेवल-1 के कर्मचारियों का 11,880 रुपए से लेकर 37,554, लेवल-13 (7TH CPC बेसिक पे-स्केल 1,23,100 रुपए से 2,15,900 रुपए) और लेवल-14 (पे-स्केल) को 1,44,200 रुपए से 2,18,200 रुपए का एरियर बकाया है।

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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