8th Pay Commission: कितनी बढ़ेगी सैलरी? फिटमेंट फैक्टर कितना होगा? DA में होगा बदलाव? यहां समझें पूरा कैलकुलेशन

केंद्रीय वेतन आयोगों का गठन समय-समय पर केंद्र सरकार के कर्मचारियों के पारिश्रमिक ढांचे, सेवानिवृत्ति लाभों और अन्य सेवा शर्तों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विचार करने और उनमें आवश्यक बदलावों के संबंध में अनुशंसाएं देने के लिए किया जाता है। दिसंबर 2025 को 7वां वेतन आयोग का कार्यकाल समाप्त होगा ऐसे में 1 जनवरी 2026 से 8वें वेतन आयोग के लागू होने की संभावना है।
8TH PAY COMMISSION

8th Pay Commission :नए साल से पहले केन्द्र की मोदी सरकार ने देश के 50 लाख से अधिक केन्द्रीय कर्मचारियों और 69 लाख से अधिक पेंशनभोगियों को बड़ी सौगात दी है। मोदी सरकार ने 8वें केन्द्रीय वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है।यह अपने गठन की तिथि से 18 महीनों के भीतर अपनी अनुशंसाएं देगा। आयोग में एक अध्यक्ष, एक सदस्य (अंशकालिक) और एक सदस्य-सचिव शामिल होंगे। 31 दिसंबर 2025 को 7वां वेतन आयोग का कार्यकाल समाप्त होगा, ऐसे में 1 जनवरी 2026 से 8वें वेतन आयोग के लागू होने की संभावना है। आईए जानते है कि नए वेतन आयोग के लागू होने के बाद मूल वेतन में वृद्धि, महंगाई भत्ता, फिटमेंट फैक्टर और अन्य भत्तों में क्या क्या बदलाव होगा……..

8th Pay Commission : सैलरी-डीए में कितना होगा बदलाव?

  • आमतौर पर वेतन आयोगों की अनुशंसाएं प्रत्येक दस वर्ष के अंतराल पर लागू की जाती हैं। फरवरी 2014 में 7वें वेतन आयोग का गठन हुआ था और 1 जनवरी 2016 से उसकी सिफारिशें लागू की गई थीं।इसके लागू होते ही 2.57 फिटमेंट फैक्टर होने पर कर्मचारियों की मिनिमम बेसिक सैलरी 7000 हजार रुपये से बढ़कर सीधे 18000 रुपये हो गई थी। इस प्रवृत्ति के अनुसार 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों को सामान्यतः 01.01.2026 से लागू करना अपेक्षित है।
  • अगर 7वें वेतन आयोग के फॉर्मूले पर 8वां वेतन आयोग लागू किया जाता है तो कर्मचारियों की मिनिमम बेसिक सैलरी 18000 रुपये से बढ़कर सीधे 51,480 रुपये हो सकती है। हालांकि कितनी सैलरी बढ़ेगी यह फिटमेंट फैक्‍टर और DA पर निर्भर करेगा।सातवें वेतन आयोग के तहत फिटमेंट फैक्‍टर 2.57 था, जो 8वें वेतन आयोग के तहत बढ़कर 2.86 हो सकता है और डीए शून्य हो जाएगा क्योंकि हर वेतन आयोग के लागू होने पर डीए ‘0’ हो जाता है। वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत है जो जुलाई से दिसंबर 2025 तक लागू रहेगा।

फिटमेंट फैक्टर पर क्या पड़ेगा असर?

फिटमेंट फैक्टर का केन्द्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी तय करने में अहम रोल माना जाता है।इस फैक्टर के कारण ही केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में ढाई गुना से अधिक की बढ़ोतरी होती है।
वर्तमान में कर्मचारियों का फिटमेंट फैक्टर 2.57 फीसदी है। फिटमेंट फैक्टर के आधार पर ही पुरानी बेसिक पे से रिवाइज्ड बेसिक पे की कैलकुलेशन की जाती है। 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.28, 1.92 या फिर 2.86 तय हो सकता है, जिससे वेतन में 30-50 फीसदी की वृद्धि हो सकती है। न्यूनतम मूल वेतन 18,000 रुपये से बढ़कर 34560 या 51,480 रुपये हो सकता है।

8वें वेतन आयोग में कितनी बढ़ेगी सैलरी?

  • 7वें वेतन आयोग में 2.57 फिटमेंट फैक्टर के कारण वेतन और पेंशन में वृद्धि के बाद केंद्रीय कर्माचारियों की न्यूनतम सैलरी 7,000 से बढ़कर 18,000 रूपये हो गई थी।
  • 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.28, 1.92 या फिर 2.86 तय हो सकता है, जिससे वेतन में 30-50 फीसदी की वृद्धि हो सकती है।
  • अगर 1.92 फिटमेंट फैक्टर होता है तो वेतन में 92% की वृद्धि यानि 18,000 रुपये से बढ़कर 34,560 रुपये हो जाएगा।
  • 2.47 फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया, तो 18,000 रुपये का बेसिक वेतन बढ़कर लगभग 44,460 रुपये हो सकता है।
  • 1.83 फिटमेंट फैक्टर होने पर बेसिक वेतन करीब 32,940 रुपये और 1.86 होने पर लगभग 33,480 रुपये तक हो सकता है।
  • 2.86 फिटमेंट होने पर कर्मचारियों की मिनिमम बेसिक सैलरी 18000 रुपये से बढ़कर सीधे 51,480 रुपये हो सकती
Pooja Khodani
लेखक के बारे में
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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