कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके और AISA अध्यक्ष नेहा बोरा को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया है। दरअसल कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च के ऐलान के बाद इलाके में भारी पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए। पुलिस का कहना है कि मार्च की अनुमति नहीं दी गई थी। वहीं दूसरी ओर लेफ्ट संगठनों ने कनॉट प्लेस के इनर सर्किल में तिरंगा मार्च निकाला। CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास ने दावा किया कि उन्होंने पुलिस की पाबंदी के बावजूद वहां पहुंचकर मार्च किया।
दरअसल दिल्ली में तिरंगा मार्च को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी। अभिजीत दीपके को घर से निकलने के बाद हिरासत में लिया गया जबकि नेहा बोरा को मंडी हाउस से पकड़ा गया। मार्च के दौरान तिरंगा लेकर नारेबाजी करने वाले कुछ लोगों को भी पुलिस ने कस्टडी में लिया।
अभिजीत दीपके और नेहा बोरा को हिरासत में लिया गया
वहीं अभिजीत दीपके दिल्ली में NCP-SCP के प्रवक्ता अनीश गावंडे के घर रुके हुए थे। जानकारी के मुताबिक पुलिस उन्हें प्रदर्शन न करने के लिए समझाने पहुंची थी। दीपके जैसे ही घर से बाहर निकले पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इस दौरान दीपके ने पुलिस से पूछा कि उन्हें किस वजह से हिरासत में लिया जा रहा है। पुलिस ने जवाब दिया कि यह कार्रवाई प्रिवेंटिव मेजर के तहत की जा रही है। अभिजीत दीपके ने कहा कि वह कोई कानून नहीं तोड़ रहे हैं और अकेले जा रहे हैं फिर उन्हें क्यों रोका जा रहा है। उन्होंने पुलिस से यह भी पूछा कि अगर उन्हें किसी जगह नहीं जाने देना है तो साफ बता दिया जाए कि वे कहां जा सकते हैं। दूसरी तरफ AISA अध्यक्ष नेहा बोरा को मंडी हाउस से हिरासत में लिया गया। पुलिस का कहना है कि तिरंगा मार्च के लिए अनुमति नहीं दी गई थी। मार्च के दौरान करीब 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी भी सामने आई।
कनॉट प्लेस में भारी पुलिस बल
वहीं तिरंगा मार्च के मद्देनजर कनॉट प्लेस के आउटर, मिडिल और इनर सर्किल में बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए। दुकानों, पार्किंग, फुटपाथ और सेंट्रल पार्क के गेट के आसपास भी पुलिसकर्मी मौजूद रहे। पुलिस ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी थी और तिरंगा लेकर नारेबाजी करने वाले लोगों को हिरासत में लिया जा रहा था। पुलिस किसी को भी पूरे इलाके में घूमकर मार्च निकालने की अनुमति नहीं दे रही थी।
हालांकि दूसरी तरफ लेफ्ट संगठनों ने कनॉट प्लेस के इनर सर्किल में तिरंगा मार्च निकाला। CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि पुलिस ने किसी को कनॉट प्लेस तक नहीं पहुंचने देने की बात कही थी लेकिन वे वहां पहुंच गए। उन्होंने दावा किया कि उनके संगठन ने पुलिस की पाबंदी को चुनौती दी और तिरंगे का मान रखा। इस बीच कनॉट प्लेस में सुरक्षा के कड़े इंतजामों और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के चलते तिरंगा मार्च का मुद्दा चर्चा में रहा।






